10 प्रतिष्ठानों में 14 किशोर मिले काम करते
पारदर्शी विकास न्यूज़, कुशीनगर। रामकोला बाजार में गुरुवार को श्रम विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने बाल एवं किशोर श्रम के खिलाफ अभियान चलाया। इस दौरान होटल, ढाबे और मोबाइल ऑटो वर्कशॉप समेत 10 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया, जहां 14 किशोर श्रमिक चिन्हित किए गए। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठान स्वामियों और सेवायोजकों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की गई।श्रम प्रवर्तन अधिकारी अलंकृता उपाध्याय ने बताया कि अभियान बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के संशोधित प्रावधानों के तहत चलाया गया। संबंधित प्रतिष्ठान संचालकों को निरीक्षण टिप्पणी जारी की गई।अधिकारियों ने बताया कि कानून के विरुद्ध बच्चों और किशोरों से काम कराना दंडनीय अपराध है। दोषी सेवायोजकों के लिए छह माह से दो वर्ष तक कारावास और 20 हजार से 50 हजार रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। टीम ने दुकानदारों से कानून का पालन करने और बच्चों के शिक्षा व सुरक्षित बचपन के अधिकारों का सम्मान करने की अपील की।अभियान में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग इकाई के प्रभारी निरीक्षक जितेन्द्र कुमार टण्डन सहित पुलिस और श्रम विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे।