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600 ग्राम की नवजात को मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने दी नई जिंदगी, 54 दिन बाद मां के साथ घर लौटी बच्ची

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कुशीनगर। कुशीनगर मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की टीम ने अपनी मेहनत, लगन और बेहतर चिकित्सा सेवाओं से एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। महज 600 ग्राम वजन के साथ समय से पहले जन्मी गंभीर हालत वाली नवजात बच्ची को 54 दिनों तक लगातार इलाज और निगरानी के बाद नया जीवन मिला। बुधवार देर शाम बच्ची को स्वस्थ हालत में उसकी मां के साथ अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।जानकारी के मुताबिक, बच्ची का जन्म निर्धारित समय से पहले हुआ था। जन्म के समय उसका वजन महज 600 ग्राम था। गंभीर हालत में उसे कुशीनगर मेडिकल कॉलेज की स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (SNCU) में भर्ती कराया गया। यहां डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की टीम ने लगातार उसकी सेहत पर नजर रखी और बेहतर इलाज किया।54 दिनों तक चले उपचार और विशेष देखभाल का सकारात्मक परिणाम सामने आया। बच्ची का वजन बढ़कर एक किलोग्राम हो गया और उसकी हालत में लगातार सुधार हुआ। स्थिति सामान्य होने पर बुधवार देर शाम उसे मां के साथ घर भेज दिया गया।डॉ. इमरान ने बताया कि बच्ची की स्थिति शुरुआत में काफी नाजुक थी। बेहद कम वजन और समय से पहले जन्म होने के कारण विशेष निगरानी की जरूरत थी। पूरी टीम ने समर्पण के साथ उपचार किया, जिसके परिणामस्वरूप बच्ची की हालत में सुधार हुआ।बच्ची के इलाज और देखभाल में डॉ. सप्तऋषि, डॉ. इमरान, डॉ. रितेश सिंह और डॉ. आयुषी मिश्रा के साथ नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. केपी गोंड ने कहा कि यह सफलता डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के सामूहिक प्रयास, टीम भावना और समर्पण का परिणाम है। 54 दिनों तक लगातार देखभाल के बाद बच्ची की स्थिति बेहतर हुई और उसे सुरक्षित घर भेजा गया।महज 600 ग्राम वजन से जिंदगी की जंग शुरू करने वाली इस नन्ही बच्ची की घर वापसी मेडिकल कॉलेज की चिकित्सा टीम के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।