
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। कानपुर में जमीन का भू-उपयोग (लैंड यूज) बदलवाने के लिए अब 6 हजार वर्गमीटर तक के मामलों में शासन के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। शासन ने इस क्षेत्रफल तक की जमीन का भू-उपयोग परिवर्तन करने का अधिकार कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) बोर्ड को दे दिया है। इससे आवेदकों को राहत मिलने और प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है। प्रमुख सचिव पी. गुरुप्रसाद की ओर से जारी आदेश के अनुसार, 6 हजार वर्गमीटर तक के भू-उपयोग परिवर्तन संबंधी आवेदनों पर KDA बोर्ड ही फैसला ले सकेगा। इससे अधिक क्षेत्रफल की जमीन के लिए पहले की तरह शासन से अनुमति लेनी होगी। अब तक KDA बोर्ड की संस्तुति के बाद सभी आवेदन शासन को भेजे जाते थे, जहां फाइलें लंबे समय तक लंबित रहने से आवेदकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता था।नई व्यवस्था में भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क की दरों में भी 5 से 50 प्रतिशत तक कमी की गई है। शुल्क चार तिमाही किश्तों में एमसीएलआर से एक प्रतिशत अधिक वार्षिक ब्याज दर पर जमा किया जा सकेगा। जरूरत पड़ने पर अवधि एक वर्ष बढ़ाने का प्रावधान भी है। ग्रीन बेल्ट, एसटीपी, पावर स्टेशन, बस अड्डे, बस स्टॉप और पार्क जैसी सार्वजनिक सुविधाओं के लिए निर्धारित जमीन का भू-उपयोग नहीं बदला जा सकेगा।