
पारदर्शी विकास न्यूज़ लखनऊ। बिजली दरों और प्रशासनिक फैसलों को लेकर ऊर्जा विभाग में बड़ा विवाद सामने आया है। ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने यूपीपीसीएल चेयरमैन आशीष गोयल को कड़ा पत्र लिखते हुए उनकी कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।मंत्री ने पत्र में आरोप लगाया कि उपभोक्ताओं पर लगाए गए 10% फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट (FPPCA) सरचार्ज की जानकारी न तो किसी आधिकारिक बैठक में दी गई और न ही मंत्री को इसकी फाइल दिखाई गई। उन्होंने कहा कि इस फैसले की जानकारी उन्हें मीडिया रिपोर्ट्स से मिली, जिससे विभागीय पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं।ऊर्जा मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि हाल ही में आए आंधी-तूफान के दौरान जब प्रदेश में बिजली व्यवस्था प्रभावित थी, उस समय यूपीपीसीएल चेयरमैन मुख्यालय से बाहर थे, जिससे संकट प्रबंधन में देरी हुई। उन्होंने इसे “गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार” बताया।पत्र में यह भी कहा गया है कि अनुभवी लाइनमैनों को हटाकर अकुशल कर्मचारियों की नियुक्ति की जा रही है, जिससे व्यवस्था प्रभावित हो रही है और सरकार की छवि पर असर पड़ रहा है।उधर, यूपी विद्युत नियामक आयोग (UPERC) ने भी 10% सरचार्ज वसूली को लेकर यूपीपीसीएल को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है और सभी आंकड़े व गणनाएं प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।वहीं, प्रदेश में बढ़ती बिजली मांग और लगातार आंधी-तूफान के कारण आपूर्ति व्यवस्था पर दबाव बना हुआ है, जिससे कई इलाकों में बिजली कटौती की समस्या भी सामने आ रही है।