
PARDARSHI VIKASH NEWS कानपुर। अंतरराष्ट्रीय हाइपरटेंशन डे के अवसर पर सोसाइटी योग ज्योति इंडिया, हिंदू जागरण मंच और सूर्योदय फाउंडेशन प्रयागराज के संयुक्त तत्वावधान में “नशा मुक्ति युवा भारत” थीम पर एक ई-संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का विषय “नशा और हाइपरटेंशन : साइलेंट किलर का खतरनाक गठजोड़” रहा। इसमें अंतरराष्ट्रीय नशा मुक्ति अभियान के प्रमुख एवं एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्डधारी योग गुरु ज्योति बाबा ने कहा कि भारत आज “हाइपरटेंशन कैपिटल” बन चुका है, जहां करीब 22 करोड़ लोग उच्च रक्तचाप की समस्या से प्रभावित हैं। इसका एक बड़ा कारण युवाओं में तेजी से बढ़ता नशे का प्रचलन है।ज्योति बाबा ने कहा कि शराब का नियमित सेवन नसों को सिकोड़ देता है, जिससे ब्लड प्रेशर 5 से 10 मिमी तक बढ़ जाता है। वहीं तंबाकू और सिगरेट में मौजूद निकोटिन धमनियों को सख्त कर देता है। एक सिगरेट पीने के बाद करीब 20 मिनट तक रक्तचाप 10 से 20 मिमी तक बढ़ा रहता है। उन्होंने बताया कि कोकीन और हेरोइन जैसे नशीले पदार्थ मस्तिष्क के उस हिस्से को प्रभावित करते हैं, जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है।सूर्योदय फाउंडेशन प्रयागराज के फाउंडर धीरेंद्र राय ने कहा कि आईसीएमआर की रिपोर्ट के अनुसार 30 से 40 वर्ष के युवाओं में बढ़ते हाइपरटेंशन के पीछे तनाव, शराब और तंबाकू मुख्य कारण हैं। लखनऊ के डॉ. धर्मेंद्र यादव ने बताया कि नशा करने वाले मरीजों में बीपी की दवाएं भी सही तरीके से असर नहीं करतीं।प्रदेश महिला संयोजिका डॉ. सुलोचना दीक्षित ने कहा कि “मिलकर हाइपरटेंशन को कंट्रोल करें” थीम लोगों को जागरूक करने का संदेश देती है। उन्होंने नशा छोड़ने, नमक कम खाने और नियमित योग-ध्यान अपनाने की अपील की। अंत में ज्योति बाबा ने सभी को नशामुक्त जीवन अपनाने का संकल्प दिलाया।