
पारदर्शी विकास न्यूज़ भरुआ सुमेरपुर। दिन-रात तप रही बुंदेलखंड की धरती पर बिजली संकट लगातार गहराता जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति महज 8 से 10 घंटे ही मिल पा रही है, जबकि 20 घंटे आपूर्ति का दावा पूरी तरह धराशायी नजर आ रहा है।रात में 9 बजे से 11 बजे तक होने वाली अघोषित कटौती से बुजुर्ग, बच्चे और महिलाएं सबसे ज्यादा परेशान हैं। पर्याप्त नींद न मिलने से बच्चों और बुजुर्गों में चिड़चिड़ापन बढ़ने लगा है।बुंदेलखंड में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है और रात का तापमान भी 30 डिग्री से नीचे नहीं जा रहा। आसमान से बरस रही आग के बीच बिजली संकट ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।ग्रामीण उदयभान यादव, श्रीराम श्रीवास, धीरेंद्र यादव, राजू, रश्मिशील देवी, सुरेंद्र कुमार, रामबाबू सोनी और गुरु सिंह सहित कई लोगों ने बताया कि रात में 9 से 11 बजे तक की अघोषित कटौती से लोगों की नींद हराम हो गई है। उनका कहना है कि भीषण गर्मी में पशु-पक्षी भी बेहाल हैं और दोपहर होते ही छांव की तलाश में भटकने लगते हैं।उपखंड अधिकारी विद्युत एमपी सिंह ने बताया कि कटौती ऊपर से की जा रही है। यह समस्या पूरे प्रदेश में चल रही है। उन्होंने कहा कि लोकल फॉल्ट को छोड़कर उनके स्तर से पूरी बिजली आपूर्ति दी जा रही है।