news-details

काशी में लोक-आस्था के महापर्व 'छठ' पर आधारित प्रथम सोलो चित्रकला प्रदर्शनी 'पावन अरघ: एक कला-साधना' का भव्य शुभारंभ

You can share this post!

वाराणसी । अनाहत आर्ट गैलरी में आज (3 नवंबर 2026) काशी की संस्कृति और लोक-आस्था के महापर्व 'छठ' पर केंद्रित पहली सोलो चित्रकला प्रदर्शनी 'पावन अरघ: एक कला-साधना' का भव्य उद्घाटन संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि, उत्तर प्रदेश सरकार के माननीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र 'दयालु' जी द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया गया। कार्यक्रम में सम्मानित अतिथि डॉ. शांति स्वरूप सिन्हा प्रोफेसर दृश्य कला इतिहास एवं डिज़ाइन विभाग दश्य कला संकाय, काशी हिन्द् विश्वविद्यालय (BHU), वाराणसी तथा प्रो. उपेन्द्र कुमार त्रिपाठी, प्रोफेसर, वेद विभाग, संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय (SVDV), काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी सहित गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कैनवास पर उकेरी गई लोक-संस्कृति: प्रदर्शनी में छठ महापर्व की पवित्र विधियों—नहाय-खाय, खरना, और सूर्य उपासना के विभिन्न आयामों को बेहद सजीव रंगों और अनूठी शैली में प्रस्तुत किया गया है। अतिथियों की सराहना मुख्य अतिथि डॉ. दयाशंकर मिश्र 'दयालु' जी ने डॉ. नेहा सिंह की इस अनूठी कला-साधना की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रदर्शनी काशी की सांस्कृतिक विरासत को एक नया आयाम देती है। डॉ. शांति स्वरूप सिन्हा ने कहा वर्तमान में ऐसे कलाकारों के कलाकृतियों के प्रचार प्रसार द्वारा ही हम अपनी संस्कृति और सभ्यता को संजो के रख सकते हैं। प्रो. उपेन्द्र कुमार त्रिपाठी ने कहा कला के माध्यम से संस्कृति व प्रकृति के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने का यह सुंदर और प्रभावशाली चित्रांकन रहा। उद्घाटन के पहले दिन ही शहर के कई गणमान्य लोग, कला प्रेमी और विद्यार्थी यहाँ पहुँचे। यह तीन दिवसीय प्रदर्शनी 4 और 5 नवंबर 2026 को भी प्रातः 11:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक आम जनता और कला प्रेमियों के लिए खुली रहेगी। स्थान: अनाहता आर्ट गैलरी, लेन नं. 1, प्रज्ञापुरी कॉलोनी, हैदराबाद गेट, वाराणसी ।।