
पारदर्शी विकास न्यूज़ लखनऊ। संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) में मरीजों को सर्जरी से पहले और बाद तक बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए एनेस्थीसियोलॉजी विभाग में डॉक्टरों की संख्या 42 से बढ़ाकर 60 की जाएगी। इसके लिए 18 नए डॉक्टरों की भर्ती होगी। साथ ही पीडियाट्रिक, पेन और ट्रांसप्लांट एनेस्थीसिया में तीन नए डीएम कोर्स शुरू किए जाएंगे। शनिवार को विभाग के 39वें स्थापना दिवस पर यह जानकारी दी गई।विभागाध्यक्ष प्रो. संजय धीरज ने बताया कि नई व्यवस्था में मरीज की सर्जरी से पहले तैयारी, ऑपरेशन के दौरान एनेस्थीसिया और बाद में दर्द प्रबंधन की जिम्मेदारी एक ही टीम संभालेगी। इससे मरीजों की परेशानी कम होने और रिकवरी में तेजी आने की उम्मीद है। विभाग में आईसीयू और पोस्ट-ऑपरेटिव देखभाल को भी बेहतर बनाया जाएगा।मरीजों की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए क्वाटरनरी केयर में 120 बेड की व्यवस्था करने की योजना है। इससे सर्जरी की क्षमता बढ़ाने और मरीजों का इंतजार कम करने में मदद मिलेगी।समारोह में एसजीपीजीआई निदेशक प्रो. आरके धीमान और डीन मनोज जैन ने पटना एम्स के पूर्व निदेशक डॉ. पीके सिंह को सम्मानित किया। कार्यक्रम में संस्थान के चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ मौजूद रहे।