
PARDARSHI VIKASH NEWS आगरा के बल्केश्वर पार्क में बल्केश्वर महादेव भक्त मंडल द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन कथा व्यास आचार्य इंद्रेश उपाध्याय ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन चुनौतियों से भरा हुआ है और उनसे भागने या शॉर्टकट अपनाने वाले लोग भगवान को प्रिय नहीं होते। उन्होंने कहा कि यदि व्यक्ति सत्य और धर्म के मार्ग पर है तो उसे चिंता नहीं करनी चाहिए, क्योंकि प्रभु उचित समय पर सत्य को अवश्य प्रकट करते हैं। कथा का शुभारंभ ‘संकट हरेंगी, करेंगी भली वृषभान की लली’ भजन से हुआ। आचार्य ने नरसिंह अवतार और वामन अवतार के प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत भगवान की शब्दमयी मूर्ति है और इसका श्रवण स्वयं में सबसे बड़ा फल है। इससे यश, कीर्ति और धन की लालसा स्वतः समाप्त हो जाती है।आचार्य ने आधुनिक जीवनशैली पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चों में बढ़ते मोबाइल एडिक्शन के लिए माता-पिता भी जिम्मेदार हैं। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को भक्ति और संस्कारों से जोड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि धर्म केवल अपने कल्याण की कामना नहीं, बल्कि समस्त जीवों के कल्याण की भावना का नाम है। कथा में संत अरविंद जी महाराज ने भी अपने विचार रखे और कहा कि जब भक्ति में आंखों से आंसू और होंठों पर मुस्कान आ जाए, तब श्रद्धा अपने चरम पर पहुंच जाती है। कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और संत-महात्मा उपस्थित रहे।