
पारदर्शी विकास न्यूज़ अमेठी। खेरौना गांव में रविवार को बिजली करंट की चपेट में आने से 37 वर्षीय विद्याशंकर प्रजापति उर्फ मुन्ना लाल की मौत के दो दिन बाद भी परिवार को किसी तरह की आर्थिक सहायता नहीं मिली है। परिजनों का कहना है कि हादसे के बाद गांव में बिजली के तार अभी भी ढीले पड़े हैं। परिवार ने प्रशासन और बिजली विभाग से मदद की मांग की है। विद्याशंकर प्रजापति पुत्र रामसूरत खेरौना गांव के रहने वाले थे और स्वरोजगार करते थे। उनकी मौत के बाद भाई विजय शंकर समेत पूरे परिवार में मातम पसरा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार करंट लगने से उनके शरीर पर आठ अलग-अलग स्थानों पर गहरे जलने के निशान मिले। बाएं सीने, हाथ की हथेली और उंगलियों, दाहिनी कोहनी, कलाई तथा पेट के बाएं हिस्से में गंभीर झुलसने की चोटें दर्ज की गईं। रिपोर्ट में मस्तिष्क, फेफड़ों और हृदय में कंजेशन पाए जाने का भी उल्लेख है। डॉक्टर शुभम पांडेय की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण बिजली के तेज झटके से हुआ कार्डियो-रेस्पिरेटरी अरेस्ट बताया गया है। पुलिस ने पंचनामा की कार्रवाई के बाद शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया।
फार्म-44 भेजा गया: एसडीओ
बिजली विभाग के उपखंड अभियंता के अनुसार आर्थिक सहायता के संबंध में विभाग की ओर से फार्म-44 भरकर भेजा गया है। उन्होंने बताया कि विभाग में आर्थिक मदद के लिए अन्य कोई प्रावधान नहीं है।
टूटा पोल भी नहीं बदला
संग्रामपुर क्षेत्र के जोगा अम्मरपुर में भी चार अप्रैल से एक विद्युत पोल टूटा पड़ा है। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद पोल नहीं बदला गया। बिजली का तार चिलबिल के हरे पेड़ में लपेटकर रखा गया है। बसपा सेक्टर सचिव धर्मेंद्र कुमार और ग्रामीण रामसेवक वर्मा ने मामले की शिकायत की है। ग्रामीणों ने जल्द पोल बदलने और विद्युत व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है।