
डीबीटी से 1.10 करोड़ विद्यार्थियों को ₹1200 की सहायता, कलेक्ट्रेट सभागार में कार्यक्रम का हुआ सीधा प्रसारण
पारदर्शी विकास ब्यूरो, कुशीनगर।
प्रदेश के शिक्षकों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मुख्यमंत्री ने वाराणसी से मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ किया। इस योजना के तहत प्रदेश के लगभग 12 लाख शिक्षकों एवं उनके परिवारों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ मिलेगा। साथ ही 1.10 करोड़ विद्यार्थियों के खातों में यूनिफॉर्म, जूते, मोजे, स्वेटर, स्कूल बैग एवं स्टेशनरी के लिए प्रति छात्र-छात्रा ₹1200 की धनराशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की गई।
कार्यक्रम का सजीव प्रसारण कुशीनगर के कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित किया गया, जहां विधायक फाजिलनगर सुरेंद्र सिंह कुशवाहा ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान शिक्षकों को प्रतीकात्मक रूप से मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा कार्ड भी वितरित किए गए।
विधायक सुरेंद्र सिंह कुशवाहा ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश सरकार के प्रयासों से शिक्षा व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि आज शिक्षक पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में जुटे हैं। यदि शिक्षक संकल्प लें तो समाज और व्यवस्था में व्यापक परिवर्तन संभव है। उन्होंने चंद्रगुप्त मौर्य और उनके गुरु के उदाहरण का उल्लेख करते हुए शिक्षकों की भूमिका को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बताया।
उन्होंने कहा कि सरकार और शिक्षकों के संयुक्त प्रयासों से परिषदीय विद्यालयों में छात्र संख्या बढ़ी है तथा शिक्षा की गुणवत्ता में लगातार सुधार हो रहा है। मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना को उन्होंने शिक्षकों के हित में ऐतिहासिक और कल्याणकारी कदम बताते हुए कहा कि अब आर्थिक अभाव किसी शिक्षक के इलाज में बाधा नहीं बनेगा।
कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य फूल बदन कुशवाहा, बीज विकास निगम के दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री राजेश्वर सिंह, नगर पालिका परिषद पडरौना के अध्यक्ष प्रतिनिधि, जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर, मुख्य विकास अधिकारी वंदिता श्रीवास्तव, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के गोरखपुर जोन के प्रबंधक, बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।