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नेमप्लेट पर चप्पल, नरेश उत्तम के घर प्रदर्शन

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पुतला दहन से लेकर प्रदर्शन तक गरमाई राजनीति

Pardarshi Vikas News Kanpur

महिला आरक्षण अधिनियम को लेकर सियासत तेज हो गई है। शुक्रवार देर रात परेड चौराहा पर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव का पुतला दहन किया। यह प्रदर्शन रात करीब 10 बजे भाजपा जिला अध्यक्ष अनिल दीक्षित के नेतृत्व में हुआ, जिसमें सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल रहे। भाजपा जिला अध्यक्ष ने इस दिन को “काला दिन” बताते हुए आरोप लगाया कि सरकार द्वारा महिला आरक्षण बिल को आगे बढ़ाने के प्रयासों के बावजूद विपक्ष ने इसे पारित नहीं होने दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष की सोच देश की आधी आबादी, यानी महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ है। कार्यकर्ताओं ने भी नारेबाजी करते हुए विपक्ष पर महिला सशक्तिकरण को रोकने का आरोप लगाया।इस दौरान शहर की मेयर प्रमिला पाण्डेय, कल्याणपुर विधायक नीलिमा कटियार समेत कई भाजपा नेता मौजूद रहे। सभी ने विपक्ष के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और पुतला दहन कर विरोध जताया।वहीं, दिन में भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ता भी सड़कों पर उतर आईं और समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल के दामोदर नगर स्थित आवास के बाहर जमकर प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में पहुंचीं महिला कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए अपना आक्रोश जताया। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने गेट पर लगी नेम प्लेट पर चप्पल मारकर विरोध दर्ज कराया।प्रदर्शन के दौरान सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अखिलेश यादव के खिलाफ नारे लगाए गए। महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाले इस बिल का विरोध करने वाली पार्टियां महिला विरोधी हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब महिलाओं को अधिकार देने की बात हो रही है, तो कुछ दल इसका विरोध क्यों कर रहे हैं।प्रदर्शनकारी महिलाओं ने सांसद से जवाब मांगते हुए कहा कि वे जानना चाहती हैं कि महिला आरक्षण से उन्हें दिक्कत क्यों है। साथ ही चेतावनी दी कि इस मुद्दे पर आंदोलन आगे भी जारी रहेगा और विरोध करने वालों को जनता जवाब देगी।प्रदर्शन में महिला आयोग की सदस्य अनीता गुप्ता भी शामिल रहीं। उन्होंने कहा कि वर्ष 1996 से कुछ दल महिला आरक्षण का विरोध करते आ रहे हैं। सरकार महिलाओं को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही है, लेकिन विपक्ष के रुख के कारण यह प्रक्रिया प्रभावित होती रही है।लगातार हो रहे पुतला दहन और प्रदर्शनों से साफ है कि महिला आरक्षण बिल को लेकर कानपुर में सियासी माहौल पूरी तरह गरमा गया है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तेज हो सकता है।


महिला आरक्षण बिल पर विपक्ष का रुख दुर्भाग्यपूर्ण है। भाजपा महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। जो दल इसका विरोध कर रहे हैं, वे देश की आधी आबादी के अधिकारों के खिलाफ खड़े हैं।-जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित


भाजपा हमेशा से महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए काम करती आई है। महिला आरक्षण बिल का विरोध करने वाले दल सिर्फ राजनीति कर रहे हैं। आने वाले समय में जनता ऐसे दलों को जवाब देगी और महिलाओं के अधिकारों का समर्थन करेगी।- जिलाध्यक्ष शिवराम सिंह