
PARDARSHI VIKASH NEWS NEET UG 2026 परीक्षा रद्द मामले में फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की। याचिका में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में दोबारा परीक्षा कराने की मांग की गई है।FAIMA ने कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर अब भरोसा नहीं रहा है, इसलिए मौजूदा गवर्निंग बॉडी का पुनर्गठन किया जाना चाहिए।मामले की जांच कर रही CBI महाराष्ट्र के नासिक पहुंची और आरोपी शुभम खैरनार को कस्टडी में लिया। वहीं, हरियाणा के गुरुग्राम से BAMS फर्स्ट ईयर के एक छात्र को राजस्थान पुलिस ने हिरासत में लिया है।NTA ने 12 मई को पेपर लीक के बाद NEET परीक्षा रद्द कर दी थी। एजेंसी ने माना कि परीक्षा में गड़बड़ी हुई है। 3 मई को आयोजित परीक्षा में 22.79 लाख छात्र शामिल हुए थे।NTA के डीजी अभिषेक सिंह ने कहा कि गड़बड़ी के लिए एजेंसी जिम्मेदार है और परीक्षा दोबारा कराई जाएगी। नई तारीख का ऐलान 6 से 8 दिन में किया जाएगा। केंद्र सरकार ने मामले की जांच CBI को सौंप दी है और एजेंसी ने FIR दर्ज कर ली है।जांच में सामने आया कि NEET का पेपर कथित ‘क्वेश्चन बैंक’ के जरिए लीक हुआ। इसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के 300 से ज्यादा सवाल थे। सभी सवाल हाथ से लिखे गए थे और उनकी हैंडराइटिंग एक जैसी बताई जा रही है। इनमें से करीब 150 सवाल हूबहू परीक्षा में आए।जांच एजेंसियों के मुताबिक 1 मई को केरल के एक मेडिकल कॉलेज में पढ़ रहे छात्र ने यह ‘क्वेश्चन बैंक’ राजस्थान के सीकर में अपने दोस्त को भेजा। 2 मई को यह सामग्री सीकर के एक पीजी संचालक तक पहुंची, जिसने इसे छात्रों और अन्य लोगों में शेयर कर दिया।3 मई को परीक्षा के बाद सीकर के एक पीजी संचालक ने उद्योग नगर थाने और NTA को शिकायत दी कि बड़ी संख्या में छात्रों के पास कथित ‘क्वेश्चन बैंक’ मौजूद था।6 और 7 मई को सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर परीक्षा से जुड़ी चैट और कथित क्वेश्चन बैंक वायरल होने लगे। इसके बाद छात्रों और कोचिंग संस्थानों में चर्चा तेज हो गई।NTA ने बताया कि 7 मई को उसे व्हिसलब्लोअर के जरिए जानकारी मिली थी कि परीक्षा से पहले कुछ लोगों के मोबाइल पर ऐसे सवाल भेजे गए थे, जो असली पेपर से मेल खाते थे। जांच में पता चला कि 1 और 2 मई को यह PDF कुछ लोगों के फोन में मौजूद थी।राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने मामले में कार्रवाई करते हुए सीकर और आसपास के इलाकों से 13 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें कंसल्टेंसी सेंटर चलाने वाले राकेश मंडवरिया सहित कई आरोपी शामिल हैं।मामले पर विपक्ष ने केंद्र सरकार और NTA पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। वहीं Arvind Kejriwal ने आरोप लगाया कि पेपर लीक मामलों में राजनीतिक संरक्षण होता है। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री Ashok Gehlot ने कहा कि 22 लाख से ज्यादा छात्रों की मेहनत पर भ्रष्ट व्यवस्था ने पानी फेर दिया।ALLEN के CEO नितिन कुकरेजा ने सुझाव दिया कि NEET को JEE की तरह कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) बनाया जाना चाहिए, क्योंकि पेन-एंड-पेपर मोड में पेपर लीक का खतरा अधिक रहता है।2024 में भी NEET UG परीक्षा पेपर लीक विवाद में घिरी थी। उस समय बिहार और झारखंड में जांच के दौरान पेपर लीक के सबूत मिले थे और कई गिरफ्तारियां हुई थीं। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने पूरी परीक्षा रद्द नहीं की थी और केवल कुछ केंद्रों पर दोबारा परीक्षा कराई गई थी।2024 विवाद के बाद केंद्र सरकार ने पूर्व इसरो प्रमुख के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में एक हाई लेवल कमेटी बनाई थी। कमेटी ने परीक्षा केंद्रों और स्टाफ की आउटसोर्सिंग कम करने, अधिक परीक्षाएं ऑनलाइन कराने, हाइब्रिड परीक्षा मॉडल अपनाने और NEET जैसी परीक्षाओं में प्रयासों की संख्या सीमित करने जैसे सुझाव दिए थे।NEET भारत में मेडिकल और डेंटल कोर्सेज में दाखिले के लिए आयोजित राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा है। इसके जरिए MBBS, BDS, BAMS, BHMS और नर्सिंग जैसे कोर्सों में प्रवेश मिलता है। देश में इस समय 1 लाख से अधिक MBBS और 27 हजार से ज्यादा BDS सीटें उपलब्ध हैं।