पराली जलाने पर 15 हजार रुपये तक जुर्माना
पारदर्शी विकास न्यूज़ कुशीनगर। जिले में पराली और कृषि अपशिष्ट जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। जिलाधिकारी संजय चौहान ने जिला एवं तहसील स्तर पर सचल दस्तों का गठन कर निगरानी बढ़ाने और किसानों को जागरूक करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का उद्देश्य वायु प्रदूषण रोकने के साथ मिट्टी की उर्वरता, पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य की सुरक्षा करना है। निर्धारित प्रावधानों के अनुसार, दो एकड़ से कम कृषि भूमि पर पराली जलाने पर 2,500 रुपये, दो एकड़ से अधिक और पांच एकड़ तक भूमि पर 5,000 रुपये तथा पांच एकड़ से अधिक भूमि पर 15,000 रुपये प्रति घटना तक अर्थदंड लगाया जा सकता है।डीएम ने न्याय पंचायत स्तर पर तैनात कर्मचारियों को राजस्व गांवों में किसानों को जागरूक करने के निर्देश दिए हैं। किसानों को फसल अवशेष जलाने से होने वाले नुकसान और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की जानकारी दी जाएगी।जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि पराली जलाने की सूचना मिलने पर संबंधित तहसील का सचल दस्ता तत्काल कार्रवाई करे। इसके लिए लेखपालों, ग्राम प्रधानों और अन्य कर्मचारियों के बीच समन्वय स्थापित कर व्हाट्सएप ग्रुप और फोन के माध्यम से सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जाएगा। प्रतिदिन की कार्रवाई की रिपोर्ट भी उपलब्ध करानी होगी।कृषि विभाग को कृषि यंत्रों और वैज्ञानिक विधियों से फसल अवशेष प्रबंधन के प्रति किसानों को जागरूक करने को कहा गया है। डीएम ने स्पष्ट किया कि निगरानी में लापरवाही बरतने वाले संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने किसानों से पराली न जलाने और पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करने की अपील की