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सुलतानपुर में गोमती पुल के जीर्णोद्धार की मांग

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बहुजन अधिकार सेना ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा, महत्वपूर्ण सांस्कृतिक विरासत भी है पुल

Pardarshi Vikas News Sultanpur

नगर में गोमती नदी पर बने ऐतिहासिक पुराने पुल के जीर्णोद्धार और सीमित आवागमन के लिए इसे दोबारा खोलने की मांग तेज हो गई है। 'बहुजन अधिकार सेना' ने इस संबंध में सोमवार मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा है। संगठन का कहना है कि यह पुल केवल आवाजाही का साधन नहीं, बल्कि जनपद की एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक विरासत भी है।

 

सुलतानपुर के गोलाघाट स्थित यह पुराना पुल दशकों तक शहर की जीवनरेखा रहा है। वर्तमान में इसकी जर्जर स्थिति और सुरक्षा कारणों से इसे पूरी तरह बंद कर दिया गया है। हालांकि पास में ही एक नए पुल का निर्माण कार्य जारी है, लेकिन पुराने पुल के बंद होने से स्थानीय निवासियों को लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है, जिससे समय और ईंधन की बर्बादी के साथ-साथ शहर में यातायात जाम की समस्या भी बढ़ रही है।

बहुजन अधिकार सेना के राष्ट्रीय कमांडर विजय राणा चमार द्वारा हस्ताक्षरित ज्ञापन में चार प्रमुख मांगें रखी गई हैं। इनमें सबसे पहले पुराने पुल को एक ऐतिहासिक धरोहर के रूप में संरक्षित करने और इसका तकनीकी परीक्षण कराने की मांग शामिल है। इसके साथ ही, पुल का आवश्यक जीर्णोद्धार (Renovation) कराने की बात भी कही गई है।

 

ज्ञापन में आगे मांग की गई है कि सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए इस पुल को पैदल यात्रियों और दोपहिया वाहनों के लिए पुनः खोला जाए। संगठन ने प्रशासन से अपील की है कि पुल को नष्ट करने के बजाय इसे जनपद की ऐतिहासिक पहचान के रूप में सुरक्षित रखा जाए।

संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि इस पुल को सुरक्षित नहीं किया गया, तो सुलतानपुर अपनी एक महत्वपूर्ण विरासत खो देगा। उन्होंने प्रशासन से इस विषय पर संवेदनशीलता दिखाते हुए जल्द से जल्द सकारात्मक कार्रवाई करने का आग्रह किया है।