
पारदर्शी विकास ब्यूरो टेकुआटार, कुशीनगर श्यामा देवी इंटर कॉलेज (SDIC), टेकुआटार, कुशीनगर में आयोजित भारतीय भाषा समर कैंप का समापन समारोह उत्साह, ज्ञान और सांस्कृतिक रंगों के बीच सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में विभिन्न भाषाओं के विद्वानों ने बच्चों को संबोधित करते हुए बहुभाषिता के महत्व पर प्रकाश डाला और अधिक से अधिक भारतीय भाषाएं सीखने के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम में प्रोफेसर गौरव तिवारी ने हिंदी भाषा के महत्व को बताते हुए कहा कि हिंदी देश की आत्मा और सामाजिक एकता का सशक्त माध्यम है। वहीं प्रोफेसर सौरभ द्विवेदी ने संस्कृत को भारतीय ज्ञान परंपरा की मूल भाषा बताते हुए विद्यार्थियों को संस्कृत सीखने के लिए प्रेरित किया।शौकत अली ने उर्दू भाषा की मिठास और साहित्यिक समृद्धि पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हर भाषा अपने भीतर संस्कृति और सभ्यता का अमूल्य खजाना समेटे होती है। वहीं संस्थापक शंभू राव ने अंग्रेजी भाषा के महत्व को बताते हुए कहा कि आधुनिक और वैश्विक दौर में भारतीय भाषाओं के साथ-साथ अंग्रेजी का ज्ञान भी आवश्यक है।वक्ताओं ने कहा कि बहुभाषिता बच्चों के बौद्धिक विकास, संवाद क्षमता और सांस्कृतिक समझ को मजबूत बनाती है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी मातृभाषा के साथ अन्य भारतीय भाषाओं को भी सीखने का आह्वान किया।समारोह के दौरान बच्चों ने गीत, कविता, भाषण और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों का दिल जीत लिया और पूरे परिसर तालियों की गूंज से भर उठा।कार्यक्रम में शिक्षकगण ध्रुव नारायण पांडे, राजेश शर्मा, प्रेमप्रकाश, गोविंद राव, कैलाश प्रसाद, चंदेश्वर जायसवाल, लक्ष्मी गुप्ता, प्रीति सिंह, अनीता मैडम, ज्योति ओझा, इकरा खातून, गुलाब हसन और हसनैन अंसारी आदि की सक्रिय सहभागिता रही।अंत में प्रधानाचार्या गुड्डी राव ने सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं उपस्थित जनों के प्रति आभार व्यक्त किया। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए ज्ञान, संस्कृति और प्रेरणा का अनूठा संगम साबित हुआ तथा बच्चों में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार कर गया।