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श्रीराम फाइनेंस की गाड़ी गायब कर हड़पे पैसे

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पारदर्शी विकास न्यूज़ सुल्तानपुर । लंभुआ कोतवाली क्षेत्र में धोखाधड़ी का एक मामला सामने आया है। श्रीराम फाइनेंस कंपनी से लोन पर ली गई एक टाटा एलपीटी गाड़ी को गायब करने और कंपनी का बकाया ऋण न चुकाने के आरोप में दो लोगों के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया है।कादीपुर स्थित श्रीराम फाइनेंस कंपनी लिमिटेड के शाखा प्रबंधक संदीप सिंह ने न्यायालय एफटीसी (जेडी) के निर्देश पर लंभुआ थाने में तहरीर दी है।तहरीर के अनुसार, लंभुआ क्षेत्र के शिवनगर (मंझा) निवासी जयन्त सिंह पुत्र राज नारायण ने 27 जनवरी 2014 को श्रीराम फाइनेंस की कादीपुर शाखा से वाहन संख्या UP 34 T 1189 (टाटा एलपीटी 1109 एफबीटी) के लिए ऋण लिया था। इस ऋण अनुबंध (संख्या: SULTNO401240011) पर अमहट (अहिमाने), गोराबारिक निवासी अशोक कुमार मौर्या पुत्र राम नेवाज मौर्या ने गारंटर के तौर पर हस्ताक्षर किए थे।अनुबंध के तहत, वाहन मालिक और गारंटर को संयुक्त रूप से 33 मासिक किस्तों में कुल ₹6,82,208 जमा करने थे। इसके अतिरिक्त, नियमानुसार हर महीने वाहन का भौतिक परीक्षण भी कराना अनिवार्य था।आरोप है कि जयन्त सिंह और अशोक कुमार मौर्या ने न तो कंपनी का बकाया ऋण चुकाया और न ही वाहन का भौतिक परीक्षण कराया। कंपनी के कर्मचारियों द्वारा वाहन दिखाने को कहने पर उन्होंने साफ इनकार कर दिया। 18 मार्च 2026 तक कंपनी का कुल ₹21,18,719 बकाया हो चुका है।शाखा प्रबंधक ने अपनी तहरीर में बताया है कि आरोपियों ने एक सोची-समझी साजिश के तहत कंपनी के धन को हड़पने की नीयत से उक्त वाहन को खुर्द-बुर्द (गायब) कर दिया है।इससे पहले, शाखा प्रबंधक ने 22 मार्च 2026 को थाने और 30 मार्च 2026 को पुलिस अधीक्षक सुल्तानपुर को रजिस्टर्ड डाक से शिकायत भेजी थी। हालांकि, कोई कार्रवाई न होने पर उन्होंने न्यायालय का रुख किया।अब कोर्ट के सख्त आदेश के बाद लंभुआ पुलिस ने मामला पंजीकृत कर लिया है। इस मामले की जांच उपनिरीक्षक अनिल कुमार यादव को सौंपी गई है।