
PARDARSHI VIKASH NEWS तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बागी गुट के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को नई दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात कर पार्टी में हुए संगठनात्मक बदलावों और नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी को मान्यता देने की मांग की। बैठक के बाद बागी गुट के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने दावा किया कि उनका गुट ही असली टीएमसी है और चुनाव आयोग ने उनकी बात गंभीरता से सुनी है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद टीएमसी में बड़ी टूट देखने को मिली, जहां 80 में से 58 विधायक और 28 में से 20 लोकसभा सांसद ममता बनर्जी का साथ छोड़ चुके हैं। बागी विधायकों ने ऋतब्रत बनर्जी को अपना नेता चुना, जबकि सांसदों के एक बड़े समूह ने अलग राजनीतिक रास्ता अपनाया। अब ममता बनर्जी के पास विधानसभा में 22 विधायक, लोकसभा में 8 और राज्यसभा में 9 सांसद ही बचे हैं। पार्टी में बढ़ते इस संकट के बीच चुनाव आयोग और कानूनी प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हैं, क्योंकि फैसला टीएमसी के संगठन, चुनाव चिह्न और राजनीतिक भविष्य पर बड़ा असर डाल सकता है।