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दिल्ली होटल आग कांड: लाइसेंस में गड़बड़ी और नियम उल्लंघन के बड़े खुलासे, 21 लोगों की मौत

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PARDARSHI VIKAHS NEWS दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लरिश स्टे होटल में 3 जून को लगी भीषण आग मामले में जांच तेज हो गई है। इस हादसे में 21 लोगों की मौत हुई थी, जबकि कई लोग घायल हुए थे। अब पुलिस जांच में होटल के लाइसेंस, संचालन और फायर सेफ्टी नियमों में गंभीर गड़बड़ियों के संकेत मिले हैं।पुलिस ने इस मामले में होटल मालिक लवकेश बजाज और अकाउंटेंट जय मिश्रा को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में कई अहम खुलासे सामने आए हैं। बताया गया कि लाइसेंस बनवाने में दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल किया गया और संचालन में भी अनियमितताएं थीं।अकाउंटेंट जय मिश्रा ने पुलिस को बताया कि होटल का रोजमर्रा का संचालन काफी हद तक वही संभालता था, जिसमें स्टाफ की ड्यूटी लगाना और मेहमानों का रिकॉर्ड रखना शामिल था। उसने यह भी दावा किया कि होटल के कई जरूरी दस्तावेज आग में जल गए, हालांकि पुलिस इस दावे की जांच कर रही है।जांच में सामने आया है कि होटल के पास केवल 6 कमरों का बीएंडबी (Bed & Breakfast) लाइसेंस था, जबकि मौके पर लगभग 25 कमरे संचालित किए जा रहे थे। पुलिस इसे नियमों का गंभीर उल्लंघन मान रही है।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग सुबह करीब 8:30 बजे लगी और कुछ ही मिनटों में पूरी इमारत धुएं से भर गई। संकरी सीढ़ियां, एक ही निकास रास्ता और खराब वेंटिलेशन के कारण लोग बाहर नहीं निकल पाए। राहत और बचाव अभियान में 58 लोगों को बाहर निकाला गया, जिनमें कई घायल हुए।जांच में यह भी पाया गया कि इमारत में फायर सेफ्टी के जरूरी उपकरण जैसे स्मोक डिटेक्टर, फायर अलार्म और स्प्रिंकलर सिस्टम या तो मौजूद नहीं थे या काम नहीं कर रहे थे। इसके अलावा एलपीजी सिलेंडरों का गलत तरीके से भंडारण भी एक बड़ा खतरा बना हुआ था।पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि लाइसेंस प्रक्रिया में किसी तरह की लापरवाही या मिलीभगत तो नहीं हुई। साथ ही होटल से जुड़े सभी रिकॉर्ड को दोबारा खंगाला जा रहा है।यह हादसा एक बार फिर शहरी क्षेत्रों में फायर सेफ्टी नियमों और होटल संचालन की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करता है।