
PARDARSHI VIKASH NEWS खड्डा, कुशीनगर। भीषण गर्मी, तेज धूप और सूखी पड़ी नहरों ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खड्डा तहसील क्षेत्र में धान की खेती की तैयारी कर रहे किसान इन दिनों धान की नर्सरी तैयार करने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं, लेकिन पानी और डीजल की भारी किल्लत के कारण किसानों का पसीना छूट रहा है।क्षेत्र के ग्राम सभा गोनहीं जंगल, मदनपुर सुकरौली, सिसवा गोपाल, सोहरौना, बंजारी पट्टी, लखुआलखुई, नवल छपरा, भजन छपरा, बहोर छपरा, लंगड़ी, बिशनपुरा, खेमन छपरा, एकडांगी, भागलपुर, कुनेली पट्टी, बरवा रतनपुर, गढ़िया बसंतपुर, कोहरगड्डी, बंधु छपरा, ढोलाहा, मूसहरी और नंदन छपरा सहित दर्जनों गांवों के किसान परेशान दिखाई दे रहे हैं।किसानों का कहना है कि पश्चिमी गंडक नहर में पानी नहीं छोड़े जाने से खेत सूख गए हैं। ऐसे में डीजल इंजन और पंपसेट के सहारे खेतों में पानी पहुंचाया जा रहा है, लेकिन डीजल संकट ने स्थिति और गंभीर बना दी है। पेट्रोल पंपों पर डीजल लेने के लिए लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं। कई जगहों पर डीजल को लेकर विवाद और मारपीट जैसी घटनाएं भी सामने आ रही हैं।किसानों ने बताया कि किसी तरह डीजल मिलने के बाद धान की नर्सरी डाली जा रही है, लेकिन तेज गर्मी और तपती धूप के कारण हर दूसरे दिन नर्सरी में पानी देना पड़ रहा है। इससे खेती की लागत भी बढ़ती जा रही है। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया तो धान की रोपाई प्रभावित हो सकती है, जिसका असर पूरे सीजन की खेती पर पड़ेगा।स्थानीय किसानों ने प्रशासन और सिंचाई विभाग से जल्द पश्चिमी गंडक नहर में पानी छोड़े जाने की मांग की है, ताकि धान की खेती समय पर हो सके और किसानों को राहत मिल सके। समाचार लिखे जाने तक पश्चिमी गंडक नहर सूखी पड़ी रही।