
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर । सम्पूर्ण विश्व को ज्ञान, आध्यात्म, व्यापार आदि देने वाला भारत था जो विश्वगुरु कहलाता था। उस समय भारत का सर्वांगीण विकास था। सामूहिक शक्ति थी जो कि धर्म सत्ता के रूप में चलती थी। हम सभी भारत वासी विश्व के कल्याण की कामना युगों-युगों से करते आये है। आज भी हम विश्व कल्याण की कामना करते हैं। उक्त विचार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कानपुर प्रांत प्रचारक श्रीराम जी ने धर्म जागरण समन्वय कानपुर दक्षिण द्वारा कृण्णा काउंडेशन एकेडमी जरौली में आयोजित मन्दिरों के आचार्य पुरोहित बन्धुओं की गोष्ठी एवं सम्मान समारोह में व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि शक्ति किसी व्यक्ति, संगठन में नहीं बल्कि समाज में होती है। सुख शान्ति की खोज में विदेशी भारत आकर हमारी कुटुम्ब संस्कृति से परिचित होते हैं। गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए पनकी मन्दिर महन्त जितेन्द्र दास महाराज ने कहा कि अफगान, पाकिस्तान बाग्लादेश से हिन्दू पलायन कर भारत आए और यहाँ बस गये। विश्व में मुस्लिम और ईसाइयों के अनेक देश है किन्तु हिन्दुओं के लिए एकमात्र देश हिन्दुस्तान है। भारत के 28 राज्यों में से नौ राज्यों में हिन्दू अल्पसंख्यक हो गया। यह चिंतनीय विषय है। धर्म जागरण के प्रान्त संयोजक नरेश शास्त्री, क्रिकेट खिलाड़ी सुरेन्द्र शर्मा, विभाग समन्वयक शैलेन्द्र भाग संयोजक आलोक तिवारी ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर पं. राम विलास शर्मा, महेश चन्द्र, उमाशंकर तिवारी, नरेन्द्र, धर्मेन्द्र, कृष्ण प्रसाद, रेखा अवस्थी, सुधा कुशवाह, प्रतिका अग्रवाल सहित 160 आचार्यो का सम्मान अतिथियों ने किया। संचालन विश्वं कान्त मिश्रा व आभार ओम पाठक ने किया। इस मौके पर कृष्णा फाउंडेशन के चेयरमैन राज नारायण द्विवेदी, वीरेन्द्र मिश्रा, राम प्रकाश, देवेश त्रिपाठी, राम बहादुर, रामजी हिन्दू, विमल परिहार, मुनीश शुक्ला, योगेन्द्र सचान, सुधाकर तिवारी, अजय त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।