
पारदर्शी विकास न्यूज़ वृंदावन। धर्मनगरी वृंदावन के सेवाकुंज गली स्थित प्राचीन योगमाया मंदिर में योगमाया महोत्सव श्रद्धा और धूमधाम के साथ मनाया गया। श्रीकृष्ण बलराम मंदिर एवं योगमाया मंदिर के सेवायत भक्ति वेदांत त्रिदंडी स्वामी मधुसूदन महाराज के आयोजन में हुए महोत्सव की अध्यक्षता चतुः संप्रदाय के महंत फूलडोल बिहारी दास बाबा महाराज ने की। इसमें संत-महंतों, धर्माचार्यों, विद्वानों और श्रद्धालुओं ने भाग लेकर मां योगमाया की महिमा का गुणगान किया। आयोजन के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा। संतों और विद्वानों ने मां योगमाया की आराधना के धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए श्रद्धालुओं को भक्ति और साधना का संदेश दिया।प्रख्यात साहित्यकार एवं ‘यूपी रत्न’ डॉ. गोपाल चतुर्वेदी ने कहा कि मां योगमाया भक्ति, शक्ति और मुक्ति की प्रतीक हैं। भारतीय धार्मिक परंपरा में उनका विशेष स्थान है। अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पंडित बिहारी लाल वशिष्ठ ने योगमाया मंदिर को प्राचीन एवं सिद्ध मंदिर बताते हुए कहा कि यहां देश-विदेश से श्रद्धालु दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। भगवान श्रीकृष्ण की बहन के रूप में पूजित मां योगमाया के प्रति कृष्ण भक्तों की विशेष आस्था है।महोत्सव में प्रिया नंद वन महाराज, भक्ति जीवन आचार्य महाराज, प्रेम प्रदीप दास, ऋषभ दास, ललित माधव दास, दामोदर दास, तमाल कृष्ण दास सहित अनेक संत-महात्मा और श्रद्धालु उपस्थित रहे।