
पारदर्शी विकास न्यूज़ लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के राष्ट्रीय कोआर्डिनेटर आकाश आनंद ने सोमवार को हाथरस के सादाबाद से पार्टी के चुनावी अभियान की शुरुआत की। विधानसभा स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। कहा कि पिछले 10 वर्षों से प्रदेश में भाजपा की सरकार है, लेकिन सरकार ने अपनी उपलब्धियों के प्रचार के जरिए अपनी कमियों को छिपाने का काम किया है। अब विधानसभा चुनाव सामने हैं और जनता को सरकार से पिछले 10 वर्षों का हिसाब मांगना चाहिए।
आकाश आनंद ने कहा कि वह भाजपा की कमियां गिनाने नहीं आए हैं, बल्कि अपने लोगों की समस्याओं को सामने रखने आए हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में सरकार ने अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए जनता के टैक्स के करीब सात हजार करोड़ रुपये विज्ञापनों पर खर्च किए हैं। उनके पास विज्ञापनों के लिए पैसा है, लेकिन झांसी के अस्पताल में आग से बच्चों की मौत के बाद पीड़ित परिवारों को सहायता देने और चार लाख से अधिक सरकारी पदों को भरने के लिए पैसा नहीं है। उन्होंने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने विज्ञापनों पर खर्च होने वाले पैसे का इस्तेमाल परीक्षाओं की व्यवस्था सुधारने और पेपर लीक रोकने में किया होता तो कई युवाओं को रोजगार मिल सकता था। आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पिछले 10 वर्षों में न बहनों को सुरक्षित रख सकी, न युवाओं को पर्याप्त रोजगार दे सकी और न ही शिक्षा के क्षेत्र में अपेक्षित काम कर पाई।
बसपा नेता ने कहा कि विधानसभा चुनाव सिर पर हैं और भाजपा एक बार फिर जनता के बीच वादे लेकर आएगी। ऐसे में अब समय आ गया है कि जनता पिछले 10 वर्षों का हिसाब मांगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार रहने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार बदलने के लिए जनता को अपने मताधिकार का इस्तेमाल करना होगा।
शिक्षा के मुद्दे पर आकाश आनंद ने आरोप लगाया कि प्रदेश में 25 हजार से अधिक स्कूल बंद किए गए हैं, जिनमें गरीब और वंचित वर्ग के बच्चे पढ़ते थे। उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की तरक्की की बुनियाद है, लेकिन सरकार इस क्षेत्र में विफल रही है।
महिलाओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि यदि किसी परिवार की बेटी या बहन गायब हो जाती है तो उस परिवार के दर्द को समझना जरूरी है। मुकदमा दर्ज कराने के लिए भी यदि लोगों को पुलिस के चक्कर लगाने पड़ें तो आम आदमी न्याय की उम्मीद किससे करेगा। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रदेश में कानून का राज है या पुलिस और अपराधियों का प्रभाव। उन्होंने कहा कि जनता को तय करना है कि ऐसी सरकार को दोबारा मौका दिया जाए या नहीं।
आकाश आनंद ने कहा कि संविधान ने प्रत्येक नागरिक को अपनी सरकार चुनने का अधिकार दिया है। चुनाव के समय इस अधिकार को व्यर्थ नहीं जाने देना चाहिए। जनता को सरकार से सवाल पूछने और पिछले 10 वर्षों का हिसाब मांगने के बाद यह तय करना चाहिए कि उसे कैसी सरकार चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार जनता की होती है और अंतिम फैसला भी जनता का ही होता है।
कार्यकर्ताओं से उन्होंने बसपा को मजबूत करने और आगामी विधानसभा चुनाव में पूरी ताकत से जुटने की अपील की। उन्होंने बसपा प्रमुख मायावती के नेतृत्व में पार्टी की नीतियों को जनता तक पहुंचाने और अधिक से अधिक लोगों को मतदान के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।