
पारदर्शी विकास न्यूज़, वाराणसी। सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित वर्गों के शैक्षिक सशक्तिकरण के लिए केंद्र सरकार की छात्रवृत्ति योजनाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। वित्त वर्ष 2014-15 से 2025-26 के बीच सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने छात्रवृत्ति, कोचिंग, विदेश में शिक्षा और शोध फेलोशिप के माध्यम से विद्यार्थियों को सहायता प्रदान की।
अनुसूचित जाति की प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत इस अवधि में 4,893 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता जारी की गई, जिससे करीब तीन करोड़ लाभार्थियों को फायदा मिला। वहीं पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के तहत 46,581 करोड़ रुपये की सहायता से लगभग 6.13 करोड़ विद्यार्थियों को लाभ पहुंचा। वित्त वर्ष 2025-26 में प्री-मैट्रिक योजना से करीब 27 लाख और पोस्ट-मैट्रिक योजना से 47.53 लाख विद्यार्थी लाभान्वित हुए। छात्रवृत्ति वितरण में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए 2021-22 से डीबीटी व्यवस्था लागू की गई। इसके तहत राशि सीधे आधार से जुड़े बैंक खातों में भेजी जाती है। एससी और ओबीसी विद्यार्थियों के लिए मुफ्त कोचिंग योजना तथा टॉप क्लास एजुकेशन स्कीम भी संचालित हैं। टॉप क्लास योजना का बजट 2014-15 के 19 करोड़ से बढ़कर 2025-26 में 117 करोड़ रुपये हो गया।