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4 करोड़ के लेखा घोटाले में CBI का शिकंजा

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जांच के बाद भुगतान कार्य प्रभावित

पारदर्शी विकास न्यूज़ अमेठी। बेसिक शिक्षा विभाग में हुए करीब 4 करोड़ रुपये के लेखा घोटाले की जांच अब तेज हो गई है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मामले में बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) संजय तिवारी और वरिष्ठ कोषाधिकारी रामेंद्र शर्मा से लखनऊ में घंटों पूछताछ की है। पूछताछ के दौरान अधिकारियों से भुगतान प्रक्रिया, फाइलों की स्वीकृति और शिक्षकों के एरियर एवं वेतन भुगतान से जुड़े कई बिंदुओं पर जानकारी ली गई।जांच में सामने आया है कि लेखा विभाग में तैनात कनिष्ठ लिपिक मनोज मालवीय और कुछ संविदा कर्मचारियों ने कथित रूप से शिक्षकों के एरियर और वेतन भुगतान में फर्जीवाड़ा कर 4 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि का गबन किया। सीबीआई इस पूरे प्रकरण में अधिकारियों की भूमिका, लापरवाही और संभावित मिलीभगत की भी जांच कर रही है।इससे पहले सीबीआई ने जिले में आठ स्थानों पर एक साथ छापेमारी कर कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और रिकॉर्ड कब्जे में लिए थे। अब इन्हीं दस्तावेजों और अधिकारियों के बयानों के आधार पर आगे की जांच की जा रही है। सीबीआई जांच शुरू होने के बाद वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय में नए भुगतान संबंधी कार्य लगभग ठप हो गए हैं। अवशिष्ट भुगतान, जीपीएफ ऋण और शिक्षकों के अन्य वित्तीय मामलों की फाइलें लंबित बताई जा रही हैं। कार्यालय में स्टाफ की कमी और जांच के दबाव के चलते कार्यों की गति प्रभावित हुई है। उल्लेखनीय है कि इस घोटाले की एफआईआर वित्त एवं लेखाधिकारी किशन गुप्ता की ओर से दर्ज कराई गई थी। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही भुगतान प्रक्रियाओं में तेजी लाई जा सकेगी।