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400 करोड़ के जमीन घोटाले में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

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PARDARSHI VIKASH NEWS कानपुर देहात में करीब 400 करोड़ रुपये के कथित जमीन घोटाले के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। भोगनीपुर तहसील क्षेत्र के चपरघटा गांव में थर्मल पावर प्लांट के लिए 2011 में अधिग्रहित की गई भूमि को लेकर अब रिकॉर्ड दुरुस्त किए जा रहे हैं। इस प्रकरण में 761 एकड़ सरकारी जमीन को ग्राम सभा के नाम वापस दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।जानकारी के अनुसार, कुल 2332 एकड़ भूमि का अधिग्रहण पावर प्लांट स्थापना के लिए किया गया था, जिसमें 761 एकड़ सरकारी और लगभग 1400 एकड़ निजी भूमि शामिल थी। उस समय क्षेत्रीय विकास, रोजगार और औद्योगिक प्रगति के बड़े वादे किए गए थे, लेकिन 15 वर्ष बीतने के बाद भी परियोजना धरातल पर नहीं उतर सकी।आरोप है कि अधिग्रहित जमीन को बैंकों में गिरवी रखकर करीब 1500 करोड़ रुपये का ऋण लिया गया और बाद में परियोजना अधूरी छोड़ दी गई। जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद प्रशासन ने सरकारी भूमि को वापस रिकॉर्ड में लेने की प्रक्रिया तेज कर दी है।इस मामले में तत्कालीन एडीएम, संबंधित पावर कंपनियों के अधिकारियों और बैंक कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है और पुलिस जांच जारी है।उधर प्रभावित किसानों का कहना है कि उनकी 1400 एकड़ निजी भूमि को लेकर अभी भी कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया है। उनका सवाल है कि जब परियोजना ही पूरी नहीं हुई तो उनकी जमीन या मुआवजे पर अंतिम फैसला कब होगा।फिलहाल प्रशासन सरकारी भूमि के संरक्षण और रिकॉर्ड सुधार की कार्रवाई में जुटा है, जबकि किसानों की नजर आगे की सरकारी कार्रवाई पर टिकी हुई है।