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772 ग्राम पंचायतों में 8.86 करोड़ रुपये का बजट अटका

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PARDARSHI VIKASH NEWS अयोध्या जिले की 772 ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद गांवों में विकास कार्यों की रफ्तार धीमी पड़ गई है। पंचायतों के खातों में करोड़ों रुपये उपलब्ध होने के बावजूद विभिन्न योजनाओं के तहत कार्य पूरे नहीं हो पा रहे हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, नाली और जल निकासी जैसी मूलभूत समस्याएं बनी हुई हैं।जानकारी के अनुसार, पंचायतों के खातों में पांचवें वित्त आयोग मद में लगभग 2 करोड़ 93 लाख रुपये तथा 15वें वित्त आयोग मद में करीब 5 करोड़ 93 लाख रुपये की धनराशि शेष है। इस प्रकार कुल 8 करोड़ 86 लाख रुपये अभी तक खर्च नहीं हो सके हैं। यदि इस राशि का समय पर उपयोग किया जाता तो कई अधूरे विकास कार्य पूरे हो सकते थे।सूत्रों के मुताबिक, ग्राम प्रधानों और पंचायत सचिवों के बीच समन्वय की कमी के कारण कई प्रस्ताव और फाइलें लंबित रहीं, जिससे बजट का उपयोग नहीं हो पाया। ग्रामीणों का कहना है कि कई गांवों में सड़कें जर्जर हैं और बारिश के दौरान जलभराव की समस्या लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही है।ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद अब ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त किया गया है। वर्तमान व्यवस्था के तहत विकास कार्यों के लिए जिलाधिकारी की अनुमति आवश्यक होगी। ऐसे में ग्रामीणों को आशंका है कि परियोजनाओं के शुरू होने में और अधिक समय लग सकता है।जिला पंचायत राज अधिकारी अविनाश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि सभी पंचायत सचिवों को लंबित विकास कार्यों को शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि नियमानुसार कार्य पूर्ण होने के बाद भुगतान की प्रक्रिया जारी रहेगी और प्रशासन गांवों में रुके विकास कार्यों को जल्द गति देने का प्रयास कर रहा है।