
पारदर्शी विकास न्यूज़ नई दिल्ली। अंकिता भंडारी मामले में कांग्रेस नेतृत्व के इंडिया गेट पर किए गए विरोध प्रदर्शन को लेकर चार दलित, अंबेडकरवादी और कर्मचारी संगठनों ने आपत्ति जताई है। संगठनों ने कांग्रेस नेतृत्व को खुले पत्र लिखकर राजनीतिक अवसरवाद और सामाजिक न्याय के चयनात्मक इस्तेमाल का आरोप लगाया है।पत्र लिखने वाले संगठनों में सेल एससी एंड एसटी एम्प्लॉइज फेडरेशन, एम्प्लॉइज वेलफेयर एसोसिएशन, तेलंगाना का एससी हक्कुला पोराटा संगम और डॉ. बीआर अंबेडकर वॉलीबॉल क्लब, हैदराबाद शामिल हैं। संगठनों का कहना है कि उनकी आपत्ति लोकतांत्रिक विरोध से नहीं, बल्कि सिद्धांतों के कथित चयनात्मक इस्तेमाल से है।पत्रों में कहा गया है कि संवैधानिक नैतिकता और सामाजिक न्याय की बात करने वाले राजनीतिक दलों को अपने आचरण में भी निरंतरता दिखानी चाहिए। संगठनों ने डॉ. बीआर अंबेडकर की विरासत का हवाला देते हुए कहा कि समानता, संस्थागत जवाबदेही और कानून के समक्ष समानता के आदर्श केवल राजनीतिक भाषणों तक सीमित नहीं रहने चाहिए।संगठनों ने कांग्रेस नेतृत्व से आत्ममंथन करने की अपील करते हुए कहा कि सामाजिक न्याय चयनात्मक नहीं हो सकता और संवैधानिक नैतिकता को राजनीतिक सुविधा के अनुसार नहीं अपनाया जाना चाहिए।