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आगजनी पीडि़त व्यापारियों को मुआवजा दिलाने की मांग

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पारदर्शी विकाश न्यूज़ ललितपुर। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल (पंजीकृत) के प्रतिनिधिमंडल ने ललितपुर नगर में हाल ही में हुई दो भीषण अग्निकांड घटनाओं में करोड़ों रुपये के नुकसान से प्रभावित व्यापारियों को राहत एवं मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। व्यापार मंडल ने मांग की कि प्रभावित व्यापारियों को आपदा प्रबंधन कोष तथा बीमा कंपनियों के माध्यम से तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। ज्ञापन में बताया गया कि हाल ही में आई आंधी, तूफान और वर्षा के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया था तथा विद्युत व्यवस्था भी प्रभावित हुई थी। इसी क्रम में 29 और 30 मई की रात ललितपुर नगर में दो बड़े अग्निकांड हुए, जिनमें व्यापारियों को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ी। व्यापार मंडल ने बताया कि 29/30 मई की रात्रि लगभग 2 बजे नदीपार क्षेत्र स्थित कुमार ट्रेडर्स के संचालक राजकुमार के प्रतिष्ठान में विद्युत शॉर्ट सर्किट के कारण भीषण आग लग गई। आग की चपेट में दो मंजिला भवन और उसमें रखा करीब 50 लाख रुपये मूल्य का सामान जलकर नष्ट हो गया। भवन के निचले हिस्से में ऑक्सीजन सिलेंडर एवं वेल्डिंग सामग्री की दुकान संचालित होती थी, जबकि ऊपरी हिस्से में परिवार का निवास था। आगजनी के बाद परिवार गहरे सदमे में है और उसे तत्काल सहायता की आवश्यकता है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि 30 मई की रात झांसी रोड स्थित गुप्ता ट्रेडर्स के प्रोपराइटर आकाश गुप्ता के टाइल्स एवं सैनिटरी गोदाम में शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड में लगभग 4 से 5 करोड़ रुपये मूल्य का माल जलकर राख हो गया। आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आग बुझाने के लिए स्थानीय फायर ब्रिगेड के अलावा चिगलौआ पावर प्लांट और महरौनी से भी दमकल वाहन बुलाने पड़े। हालांकि फायर सर्विस और पुलिस प्रशासन की तत्परता के कारण कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन भारी आर्थिक नुकसान से व्यापारी और उनका परिवार गहरे सदमे में है। व्यापार मंडल ने ज्ञापन में कहा कि मौसम विभाग और शासन के लगातार अलर्ट के बावजूद जिले में अग्निशमन विभाग के संसाधन पर्याप्त नहीं हैं। वर्तमान में ललितपुर फायर स्टेशन पर सीमित संख्या में फायर टेंडर और सहायक वाहन उपलब्ध हैं, जो नगर की बढ़ती आबादी और व्यावसायिक गतिविधियों के अनुरूप पर्याप्त नहीं हैं।