
दस साल में अमेठी में लागू हुई 30.39करोड की पर्यटन योजनाएं
अमेठी बन रहा धार्मिक और इको टूरिज्म का नया केंद्र : जयवीर सिंह
योगी सरकार के कार्यकाल में बदली जिले की पर्यटन तस्वीर
संजीव भारती/ललित कुमार
पारदर्शी विकास न्यूज़ अमेठी। सुश्री मायावती ने छत्रपति शाहूजी महाराज के नाम से अमेठी संसदीय क्षेत्र को नया जिला 11दिसम्बर2002को बनाया था। समाजवादी पार्टी की सरकार ने जिले को खत्म कर दिया। लम्बी अदालती लड़ाई में जीत के बाद जिला 1जुलाई 2010को पूर्ण अस्तित्व में आया। जिले के विकास की नींव बसपा सुप्रीमो मायावती ने रखी, उत्तर प्रदेश के मानचित्र में अमेठी को नई पहचान दी। पर्यटन विभाग 1जुलाई को अमेठी का स्थापना दिवस मानता है। पर्यटन विभाग की ओर से मंगलवार को एक विज्ञप्ति जारी करके योगी सरकार में हुए पर्यटन विकास का गुणगान किया गया है।अमेठी संसदीय क्षेत्र को जिला बनाने की मांग 1980से चल रही थी। राजनीतिक नफा नुकसान और वोट बैंक के चक्कर में तत्कालीन कांग्रेस सरकार और उस समय के सांसद राजीव गांधी ने इस पर ध्यान नहीं दिया।2002में उत्तर प्रदेश में बसपा सरकार थी। सुश्री मायावती मुख्यमंत्री थीं। संग्रामपुर थाना क्षेत्र के पुन्नपुर गांव में दलित राम भजन कोरी के साथ हुई उत्पीड़न की घटना को लेकर कांग्रेस फार्म में आई और प्रियंका गांधी वाड्रा गांधीगीरी करने संग्रामपुर पहुंच गयी। बसपा सुप्रीमो और तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती को जैसे ही खबर मिली उन्होंने कांग्रेस के खिलाफ बड़ा काउंटर एक्शन किया और अमेठी स्टेडियम में एक बड़ी रैली करके अमेठी संसदीय क्षेत्र को छत्रपति शाहू जी महाराज के नाम से नया जिला घोषित कर दिया।नये जिले में काम शुरू हुआ, डी एम,एस पी और अन्य अधिकारियों की तैनाती भी हुई। चुनाव बाद उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार बनने के बाद जिले को समाप्त कर दिया गया। एडवोकेट उमाशंकर पांडेय ने जिला बचाओ संघर्ष समिति बनाई और हाईकोर्ट में याचिका दायर की। लम्बी लड़ाई के बाद जनपद 2010मे फिर से बहाल हुआ। पर्यटन विकास जिले का जन्म 1 जुलाई 2010को मानता है।इसी को आधार बनाकर पर्यटन विकास आज जिले की वर्षगांठ मना रहा है। जिला बनने के बाद यहां पर्यटन विकास की रफ्तार लंबे समय तक सीमित रही। वर्ष 2017 के बाद तस्वीर बदलनी शुरू हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पर्यटन परियोजनाओं को गति मिली। धार्मिक, आध्यात्मिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों के विकास पर विशेष फोकस किया गया। वर्ष 2017 से वित्तीय वर्ष 2026-27 तक करीब 30.39 करोड़ रुपए की पर्यटन परियोजनाएं स्वीकृत हुईं। इससे पर्यटन सुविधाओं का विस्तार हुआ। प्रमुख धार्मिक स्थलों का सौंदर्यीकरण कराया गया। ईको-टूरिज्म को भी बढ़ावा मिला। लगातार हो रहे विकास कार्यों से अमेठी अब प्रदेश के पर्यटन मानचित्र पर अपनी अलग पहचान बना रहा है।पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि 'अमेठी को धार्मिक, आध्यात्मिक और प्रकृति पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके लिए जिले के कई महत्वपूर्ण स्थलों पर पर्यटन विकास परियोजनाएं संचालित हैं। जायस स्थित बाबा गोरखनाथ की तपोस्थली का विकास कराया जा रहा है। यहां गुरु गोरखनाथ की बैठी हुई योग मुद्रा में 25 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा निर्माण और गौरीगंज की हनुमानगढ़ी गौरा का पर्यटन विकास व सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। इसी प्रकार, बहादुरपुर विकासखंड के ग्राम पीढ़ी स्थित तपेश्वर नाथ धाम मंदिर और परम संत कबीर साहेब की बैठका का भी कायाकल्प किया जा रहा है। मुसाफिरखाना के ग्राम नारा अढ़हनपुर स्थित बाबा महावीर दास मंदिर को भी पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। वहीं, काटूनाला वन्यजीव क्षेत्र को इको-टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं से अमेठी का पर्यटन परिदृश्य बदलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।'
अमेठी की जनता कांग्रेस के समय लगभग चालीस साल तक अमेठी को जिला बनाने की मांग करती रही। कांग्रेस ने ध्यान नहीं दिया। 2002तक अमेठी से बसपा को कोई राजनीतिक लाभ नहीं मिला फिर भी हमारी मुखिया बहन मायावती जी ने जनता की भावनाओं का सम्मान किया और छत्रपति शाहूजी महाराज नगर के नाम से जिला बनाया और अमेठी को उत्तर प्रदेश के मानचित्र में नई पहचान दी। सपा की सरकार ने जिले को खत्म किया।बहाल होने के बाद 2012मे जिले से सलोन विधानसभा को अलग करने का काम भी अखिलेश यादव की सरकार में हुआ है।-सुरेश कमल ,जिला अध्यक्ष

पिछले दस सालों में अमेठी जिले में ढांचागत सुविधाएं तेजी से बढ़ी है। निर्माण के कार्य तेजी से चल रहे हैं। ओवर ब्रिज और बाईपास, मेडिकल कॉलेज, ट्रामा सेंटर, कृषि विज्ञान केन्द्र की स्थापना हुई है।इस विकास में सबसे बड़ा योगदान पूर्व केंद्रीय मंत्री दीदी स्मृति ईरानी का है। पर्यटन के क्षेत्र जो भी काम हुए हैं सब उन्ही की देन हैं।-विषुव मिश्र ,जिला महामंत्री