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अनुसूचित जनजाति (गोंड) समाज ने 2% आरक्षण के प्रभावी क्रियान्वयन की उठाई मांग

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पारदर्शी विकास ब्यूरो 

कुशीनगर। अनुसूचित जनजाति (गोंड) समाज के लिए सरकारी सेवाओं एवं विभिन्न विभागों की भर्तियों में निर्धारित 2 प्रतिशत आरक्षण का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कराने की मांग को लेकर सोमवार को गोंड समाज के प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन संघ के जिलाध्यक्ष गोरख प्रसाद गोंड के नेतृत्व में दिया गया।

ज्ञापन में कहा गया कि अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षण की संवैधानिक व्यवस्था होने के बावजूद गोंड समाज के अभ्यर्थियों को उसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है। आरोप लगाया गया कि प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों में निकलने वाली भर्तियों में अनुसूचित जनजाति के लिए निर्धारित आरक्षित पदों का समुचित अनुपालन नहीं किया जा रहा, जिससे पात्र अभ्यर्थी सरकारी सेवाओं और रोजगार के अवसरों से वंचित रह जाते हैं।

समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि आरक्षण का उद्देश्य सामाजिक एवं शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों को समान अवसर उपलब्ध कराना है। इसलिए आवश्यक है कि अनुसूचित जनजाति (गोंड) के लिए निर्धारित 2 प्रतिशत आरक्षण का सभी सरकारी भर्तियों में पारदर्शी एवं प्रभावी ढंग से पालन कराया जाए।

ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि भविष्य में जारी होने वाले सभी भर्ती विज्ञापनों में अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित पदों का स्पष्ट उल्लेख किया जाए, ताकि पात्र अभ्यर्थियों को आवेदन और चयन प्रक्रिया में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।

गोंड समाज के प्रतिनिधियों ने राज्यपाल से पूरे प्रकरण का संज्ञान लेकर संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी करने तथा आरक्षण व्यवस्था के प्रभावी अनुपालन को सुनिश्चित कराने की मांग की।