
PARDARSHI VIKASH NEWS अयोध्या-रायबरेली हाईवे पर रात के समय खराब लाइटिंग और आवारा मवेशियों के कारण सड़क हादसों में लगातार वृद्धि हो रही है। पिछले एक सप्ताह के दौरान अलग-अलग दुर्घटनाओं में दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। घायलों का इलाज स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर मेडिकल कॉलेज तक में कराया गया है।स्थानीय ऑटो चालकों और राहगीरों का कहना है कि हाईवे पर पर्याप्त रोशनी नहीं होने से रात में वाहन चलाना बेहद खतरनाक हो गया है। गर्मी बढ़ने के साथ आवारा मवेशी डिवाइडर और सड़क किनारे बैठ जाते हैं। अंधेरे में ये मवेशी अचानक सामने आ जाते हैं, जिससे वाहन चालक हादसे का शिकार हो रहे हैं।3 मई की रात करीब आठ बजे हलियापुर थाना क्षेत्र में एक सड़क हादसा हुआ। राम कुमार पांडेय और बेद प्रकाश की बाइक एक ई-रिक्शा से टकरा गई। इस दुर्घटना में राम कुमार के सिर में गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया। वहीं ई-रिक्शा चालक राजित राम को मामूली चोटें आईं।इसके बाद 5 मई की रात रमेश नगर बड़ी नहर के पास दो मोटरसाइकिलों की भिड़ंत में चार युवक घायल हो गए। बताया गया कि अचानक सड़क पर मवेशी आ जाने से आगे चल रही बाइक अनियंत्रित हो गई, जिससे पीछे से आ रही दूसरी बाइक उससे टकरा गई। हादसे में कुलदीप कुमार, श्याम तिवारी, शुभम और दिनेश कुमार घायल हुए। कुलदीप और शुभम की हालत गंभीर होने पर उन्हें आगे के इलाज के लिए रेफर किया गया।7 मई को रामगंज विद्यालय कट के पास दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने टक्कर में पांच लोग घायल हो गए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि डिवाइडर पर लगाए गए पौधों की उचित देखरेख नहीं हो रही है और हाईवे पर वैकल्पिक व्यवस्था के अभाव में सामने से आने वाले वाहनों की तेज रोशनी सीधे चालकों की आंखों पर पड़ती है। इससे वाहन चालकों को रास्ता साफ दिखाई नहीं देता और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।स्थानीय लोगों ने प्रशासन से हाईवे पर बेहतर लाइटिंग व्यवस्था करने, आवारा मवेशियों को हटाने और सड़क सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम करने की मांग की है, ताकि लगातार बढ़ रहे हादसों पर रोक लगाई जा सके।