
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। दक्षिण क्षेत्र के कैंट, गोविंदनगर और किदवईनगर इलाकों में बिजली संकट लगातार गहराता जा रहा है। भीषण गर्मी और उमस के बीच घंटों बिजली कटौती से लोग परेशान हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रातभर बिजली गायब रहती है, जिससे घरों में सोना तक मुश्किल हो गया है। सबसे ज्यादा दिक्कत बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को हो रही है। बेगमपुरवा निवासी 68 वर्षीय हस्रतुन निशा ने बताया कि इलाके में बिजली कुछ मिनटों के लिए आती है और फिर घंटों गायब हो जाती है। उन्होंने कहा कि करीब 30 हजार लोग इस समस्या से प्रभावित हैं और रातभर जागने को मजबूर हैं। बिजली संकट से परेशान लोगों ने पार्षद अकील शानू के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और नारेबाजी कर जल्द व्यवस्था सुधारने की मांग उठाई। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। गोविंद नगर विधायक सुरेंद्र मैथानी ने भी केस्को की एमडी नेहा जैन से मुलाकात कर समस्या उठाई, लेकिन हालात में अब तक सुधार नहीं हो सका है। स्थानीय लोगों के अनुसार बाबूपुरवा सब-स्टेशन के अंतर्गत आने वाले बेगमपुरवा, मुंशीपुरवा, अजीतगंज, बगाही और ढकना-पुरवा क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। लोगों का आरोप है कि ऑनलाइन शिकायत व्यवस्था भी काम नहीं कर रही। पार्षद प्रतिनिधि अकील शानू ने बताया कि शिकायत नंबर पर कॉल तक नहीं लगती और सीमित कर्मचारियों के भरोसे पूरी व्यवस्था चल रही है। बाबूपुरवा निवासी अतीक अहमद ने बताया कि लोग दो महीने से ठीक से सो नहीं पा रहे हैं। रात में बिजली कटते ही लोग सड़कों और गलियों में टहलने को मजबूर हो जाते हैं। उमस के कारण छोटे बच्चे पूरी रात रोते रहते हैं। वहीं, बिजली उपकरण रिपेयरिंग का काम करने वाले दुकानदार मकसूद आलम ने कहा कि खराब बिजली व्यवस्था से कारोबार प्रभावित हो गया है। लोगों के घरों में बिजली न होने से वे उपकरण लेने तक नहीं आ रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुराने मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगाने का दबाव बनाया जा रहा है। इसी इलाके की रहने वाली 60 वर्षीय अफसर बेगम, जो शुगर की मरीज हैं, ने बताया कि बीमारी की हालत में बिना पंखे और बिजली के रहना बेहद मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि बकरीद से पहले भी हालात नहीं सुधरे हैं और लोग भारी परेशानी झेल रहे हैं।