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बैकयार्ड योजना में गड़बड़ी का आरोप: कागजों में लाभार्थी बने, हकीकत में महिलाओं को नहीं मिले चूजे और दाना

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PARDARSHI VIKASH NEWS उन्नाव। ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से सरकार द्वारा चलाई जा रही बैकयार्ड मुर्गी पालन योजना पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि गंजमुरादाबाद ब्लॉक क्षेत्र में अनुसूचित जाति की महिलाओं के नाम पर लाभ तो जारी कर दिया गया, लेकिन कई लाभार्थियों को वास्तव में योजना का लाभ नहीं मिला।योजना के तहत ग्रामीण महिलाओं को मुफ्त में चूजे और दाना उपलब्ध कराया जाता है, जिससे वे मुर्गी पालन कर अपनी आय बढ़ा सकें। गंजमुरादाबाद ब्लॉक के पशु चिकित्सालय क्षेत्र अंतर्गत हादीदादपुर गांव की 13 अनुसूचित जाति की महिलाओं को इस योजना का लाभ दिया जाना था।स्थानीय स्तर पर जारी सूची में इन महिलाओं को लाभार्थी दर्शाया गया, लेकिन जब मामले की जमीनी पड़ताल की गई तो कई महिलाओं ने बताया कि उन्हें अब तक न तो चूजे मिले और न ही दाना। महिलाओं का आरोप है कि संबंधित लोगों ने सिर्फ फोटो खींची और लाभ दिए जाने की प्रक्रिया पूरी दिखा दी।लाभार्थियों का कहना है कि यदि योजना का लाभ कागजों में ही बांट दिया गया है तो आखिर उनके नाम पर आया लाभ कहां गया? उन्होंने प्रशासन से मामले की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।अब देखना होगा कि ग्रामीण महिलाओं के स्वरोजगार के लिए चलाई जा रही इस योजना में सामने आए आरोपों पर विभाग क्या कदम उठाता है।