
पारदर्शी विकास न्यूज़ औरैया। लखनऊ अग्निकांड के बाद बिधूना समेत जिले के विभिन्न कस्बों में संचालित कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्था और वैधता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि कई कोचिंग संस्थान बिना पंजीकरण और आवश्यक अनुमतियों के संचालित हो रहे हैं, जबकि अनेक स्थानों पर अग्निशमन समेत जरूरी सुरक्षा मानकों का भी पालन नहीं किया जा रहा है।बिधूना, अछल्दा, दिबियापुर, फफूंद, बेला, सहार, कुदरकोट और अन्य कस्बों में बड़ी संख्या में कोचिंग सेंटर संचालित हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई संस्थान नियमों की अनदेखी कर छात्रों और अभिभावकों से मनमानी फीस वसूल रहे हैं। वहीं सुरक्षा इंतजामों के अभाव में छात्रों की जान पर भी खतरा बना हुआ है।लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद प्रशासन ने कोचिंग संस्थानों की जांच शुरू की है, लेकिन लोगों का सवाल है कि जब नियमों का उल्लंघन लंबे समय से हो रहा था तो संबंधित विभाग अब तक कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे थे।क्षेत्रीय लोगों ने मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी से सभी कोचिंग सेंटरों की निष्पक्ष जांच कर अवैध रूप से संचालित संस्थानों तथा सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में किसी बड़े हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता।