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भाजपा पार्षद का इस्तीफे का ऐलान

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वार्ड में काम नहीं तो पद पर रहने का क्या मतलब?

पारदर्शी  विकास न्यूज़  कानपुर। नगर निगम के दबौली वार्ड-72 की भाजपा पार्षद वंदना शर्मा ने गुरुवार को वार्ड की समस्याओं और अधिकारियों के रवैये से नाराज होकर महापौर प्रमिला पांडेय को इस्तीफा देने का ऐलान किया। पार्षद ने नगर निगम के चीफ आर.के. पाल पर शिकायतों की अनदेखी, स्ट्रीट लाइट के मामले में भेदभाव और कर्मचारियों की मनमानी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वह अपना त्यागपत्र सौंप देंगी। वंदना शर्मा ने सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में कहा कि वह पिछले तीन वर्षों से लगातार वार्ड की समस्याओं को नगर निगम अधिकारियों के सामने उठा रही हैं, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उनके अनुसार वार्ड के कई इलाकों में स्ट्रीट लाइट की स्थिति बेहद खराब है। शाम होते ही कई क्षेत्र अंधेरे में डूब जाते हैं, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी होती है। पार्षद ने बताया कि जोन-5 की बैठक में उन्होंने नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय और महापौर प्रमिला पांडेय के सामने स्ट्रीट लाइट की समस्या उठाई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कई लाइटें बिना स्विच के संचालित हो रही हैं, जिससे दिन में भी जलती रहती हैं और जल्दी खराब हो जाती हैं।वंदना शर्मा का आरोप है कि जोन-5 की बैठक में चीफ आर.के. पाल की शिकायत करने के बाद उनके वार्ड के साथ पक्षपात किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि वार्ड में विकास कार्यों को लेकर भी उनकी शिकायतों पर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही। पार्षद ने एक जेई से बातचीत का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि उन्हें कहा गया कि चाहे धरना दें या कहीं भी शिकायत करें, उनके वार्ड में काम नहीं होगा भाजपा पार्षद ने कहा कि जब जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि की बात ही अधिकारियों द्वारा नहीं सुनी जाती तो आम जनता की समस्याओं का क्या हाल होगा। उन्होंने कहा कि पार्षद के तौर पर वह लगातार जनता की समस्याओं को उठाती रही हैं, लेकिन समाधान नहीं होने से उन्हें अपने क्षेत्र के लोगों के सामने जवाब देना मुश्किल हो रहा है।उन्होंने महापौर से वार्ड की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था तत्काल दुरुस्त कराने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो वह अपना इस्तीफा सौंप देंगी।दबौली निवासी वंदना शर्मा वार्ड-72 से भाजपा पार्षद हैं। हाल के दिनों में नगर निगम की कार्यप्रणाली को लेकर पार्षदों की नाराजगी सामने आती रही है। कुछ दिन पहले पार्षद पति गुंजन लाल शर्मा, सुधीर यादव समेत अन्य पार्षदों ने नगर आयुक्त पर गंभीर आरोप लगाते हुए नगर निगम परिसर में प्रदर्शन और धरना दिया था। अब भाजपा पार्षद के इस्तीफे के ऐलान से नगर निगम की अंदरूनी खींचतान एक बार फिर चर्चा में आ गई है।

 

 

जनता के बीच क्या जवाब दूं?
भाजपा पार्षद ने कहा कि जब जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि की बात ही अधिकारियों द्वारा नहीं सुनी जाती तो आम जनता की समस्याओं का क्या हाल होगा। उन्होंने कहा कि पार्षद के तौर पर वह लगातार जनता की समस्याओं को उठाती रही हैं, लेकिन समाधान नहीं होने से उन्हें अपने क्षेत्र के लोगों के सामने जवाब देना मुश्किल हो रहा है।उन्होंने महापौर से वार्ड की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था तत्काल दुरुस्त कराने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो वह अपना इस्तीफा सौंप देंगी।


नगर निगम में पहले भी उठ चुके हैं सवाल
दबौली निवासी वंदना शर्मा वार्ड-72 से भाजपा पार्षद हैं। हाल के दिनों में नगर निगम की कार्यप्रणाली को लेकर पार्षदों की नाराजगी सामने आती रही है। कुछ दिन पहले पार्षद पति गुंजन लाल शर्मा, सुधीर यादव समेत अन्य पार्षदों ने नगर आयुक्त पर गंभीर आरोप लगाते हुए नगर निगम परिसर में प्रदर्शन और धरना दिया था। अब भाजपा पार्षद के इस्तीफे के ऐलान से नगर निगम की अंदरूनी खींचतान एक बार फिर चर्चा में आ गई है।