

विजयादशमी के पावन अवसर पर भीम शाखा, छत्रसाल नगर, कानपुर दक्षिण में श्री विजयादशमी उत्सव श्रद्धा, उत्साह एवं राष्ट्रभाव से परिपूर्ण वातावरण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ शस्त्र पूजन के साथ हुआ। तत्पश्चात शाखा के स्वयंसेवकों ने आसन एवं योग का प्रभावशाली प्रदर्शन कर शारीरिक अनुशासन, सामूहिकता और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया।इस भव्य आयोजन में कानपुर प्रांत के माननीय प्रांत संघचालक, आदरणीय श्री भवानी भीख जी का पावन पाथेय प्राप्त हुआ। अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में उन्होंने स्वयंसेवकों के समक्ष अनेक प्रेरक दृष्टांत प्रस्तुत किए, जिनसे उपस्थित स्वयंसेवकों में उत्साह, आत्मविश्वास और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण का नवसंचार हुआ।श्री भवानी भीख जी ने विजयादशमी के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के उद्देश्य और उसकी गौरवशाली यात्रा को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि विजयादशमी केवल अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक नहीं, बल्कि आत्मबल, साहस, अनुशासन और संगठन की शक्ति का भी संदेश देती है। संघ की स्थापना का मूल भाव समाज को संगठित, संस्कारित एवं राष्ट्र के प्रति समर्पित बनाना है। उन्होंने स्वयंसेवकों को प्रेरित किया कि वे अपने आचरण, व्यवहार और सेवा कार्यों के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का संकल्प लें।अपने पाथेय में उन्होंने एक अत्यंत महत्वपूर्ण विचार प्रस्तुत किया कि जो राष्ट्र और समाज शांति की कामना करते हैं, उनके पास शक्ति भी होनी चाहिए। शांति और शक्ति एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि पूरक हैं। सज्जनता की रक्षा, समाज की सुरक्षा और राष्ट्र की संप्रभुता बनाए रखने के लिए सामर्थ्य, एकता एवं सजगता आवश्यक हैं। उन्होंने स्वयंसेवकों को आह्वान किया कि वे अपने भीतर शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक सामर्थ्य का विकास करें तथा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए समाज के प्रति अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करें। उनके विचारों ने उपस्थित स्वयंसेवकों को आत्मचिंतन, संगठनात्मक सुदृढ़ता और राष्ट्रनिर्माण की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा प्रदान की।श्री भवानी भीख जी के पावन पाथेय के पश्चात भीम शाखा के स्वयंसेवकों द्वारा शाखा बस्ती क्षेत्र में अत्यंत सुंदर एवं अनुशासित पथ संचलन का प्रदर्शन किया गया। इस पथ संचलन में बाल, तरुण, व्यवसायी एवं अति वरिष्ठ स्वयंसेवकों ने कदमताल मिलाते हुए उत्साहपूर्वक सहभागिता की। लगभग डेढ़ किलोमीटर की दूरी तक किए गए इस पथ संचलन में स्वयंसेवकों ने अनुशासन, एकता और संगठनात्मक शक्ति का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।कार्यक्रम में छत्रसाल नगर के माननीय नगर संघचालक श्री अरुण कुमार जी, कानपुर प्रांत के घोष प्रमुख श्री विनायक जी, कानपुर विभाग के सह बौद्धिक शिक्षण प्रमुख श्री किंजल्क जी, छत्रसाल नगर के नगर शारीरिक प्रमुख श्री अखिलेश जी, नगर बौद्धिक प्रमुख श्री निर्मल जी, नगर पर्यावरण प्रमुख श्री शिव प्रकाश जी, नगर धर्म जागरण प्रमुख श्री भीम शंकर जी तथा नगर संपर्क प्रमुख श्री सुधीर जी सहित अनेक दायित्वधारी कार्यकर्ताओं की गरिमामयी उपस्थिति रही।इस भव्य आयोजन को सफल एवं सुव्यवस्थित बनाने में शाखा के मुख्य शिक्षक श्री विष्णु दत्त जी, शाखा कार्यवाह श्री रवि जी, शाखा कार्यकारिणी से जुड़े श्री राकेश जी तथा अन्य स्वयंसेवकों का विशेष योगदान रहा। सभी कार्यकर्ताओं के सामूहिक प्रयास, अनुशासन एवं समर्पण ने कार्यक्रम को सफल बनाया।विजयादशमी का यह पावन उत्सव संगठन, संस्कार, सामर्थ्य और राष्ट्रसेवा के संकल्प को दृढ़ करने वाला रहा। यह आयोजन सभी स्वयंसेवकों के लिए नई ऊर्जा, नई प्रेरणा और राष्ट्रहित में निरंतर सक्रिय रहने का संदेश लेकर आया।