
जनपद में भीषण गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार को तापमान 42 डिग्री सेल्सियस पहुंचने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित रहा। तेज धूप और लू के चलते सड़कों पर आवाजाही कम रही, जबकि जिला अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
सुबह ओपीडी खुलते ही मरीजों की लंबी कतारें लग गईं। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, एक ही दिन में 900 से अधिक मरीजों ने पंजीकरण कराया। इनमें अधिकतर लोग बुखार, उल्टी, दस्त, डायरिया और कमजोरी जैसी समस्याओं से पीड़ित थे। चिकित्सकों का कहना है कि तेज गर्मी, दूषित पानी और खानपान में लापरवाही के कारण मौसमी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़े हैं।
जिला अस्पताल में तैनात डॉ. कौशलेंद्र और डॉ. शोभित अग्निहोत्री सहित अन्य चिकित्सकों ने मरीजों का उपचार किया और आवश्यक परामर्श दिया। इमरजेंसी वार्ड में भी दिनभर मरीजों का आना-जाना लगा रहा। कई गंभीर मरीजों को तत्काल भर्ती कर उपचार शुरू किया गया।
डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि दोपहर के समय अनावश्यक बाहर न निकलें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, सिर ढककर बाहर जाएं और बासी या खुले खाद्य पदार्थों से बचें। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को अधिक सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि चक्कर आना, तेज बुखार, लगातार उल्टी-दस्त या कमजोरी महसूस होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें।