
PARDARSHI VIKASH NEWS मथुरा के बरसाना में 10 मई को सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता दिवाकर शर्मा के कथित अपहरण और मारपीट का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। घटना का एक सीसीटीवी वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ गया है। बरसाना में हुई महापंचायत में लोगों ने फैसला लिया कि कस्बे का कोई भी व्यक्ति पूर्व चेयरमैन बलराज चौधरी का समर्थन नहीं करेगा। साथ ही आसपास के गांवों की पंचायत बुलाकर आगे की रणनीति तय करने का निर्णय भी लिया गया।सीसीटीवी फुटेज में पूर्व चेयरमैन बलराज चौधरी के बेटे गोपाल को अपने साथियों के साथ अधिवक्ता के पीछे जाते हुए देखा गया है। आरोप है कि पेट्रोल पंप से निकलते ही दिवाकर शर्मा को रास्ते में रोककर अगवा कर लिया गया और फिर उन्हें कोठी में ले जाकर मारपीट की गई।जानकारी के अनुसार, अधिवक्ता दिवाकर शर्मा बरसाना स्थित एक पेट्रोल पंप पर मौजूद थे। इसी दौरान गोपाल अपने साथियों के साथ वहां पहुंचा। सीसीटीवी फुटेज में आरोपी पक्ष के लोगों को पेट्रोल पंप के आसपास घूमते हुए देखा गया है। बताया जा रहा है कि पंप पर कर्मचारियों और कैमरों की मौजूदगी के कारण आरोपी वहां कुछ नहीं कर सके।आरोप है कि जैसे ही दिवाकर शर्मा पेट्रोल पंप से निकले, आरोपी उनकी कार के पीछे लग गए और कुछ दूरी पर गाड़ी रोककर उनके साथ मारपीट की। इसके बाद उन्हें जबरन एक इलेक्ट्रिक वाहन में डालकर कोठी ले जाया गया।पीड़ित पक्ष का आरोप है कि कोठी में पूर्व चेयरमैन बलराज चौधरी, उनके परिवार और अन्य लोगों ने अधिवक्ता के साथ मारपीट की। यह भी आरोप लगाया गया है कि उनसे जबरन कोरे कागज पर अंगूठा लगवाया गया और करीब दो घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया।घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। आरोप है कि पुलिस को काफी देर तक कोठी के अंदर प्रवेश नहीं करने दिया गया। करीब 15 मिनट बाद पुलिस अंदर पहुंची और अधिवक्ता को मुक्त कराया। इस दौरान कोठी के अंदर बड़ी संख्या में लोग लाठी-डंडों के साथ मौजूद मिले।पुलिस ने मौके से 44 लोगों को हिरासत में लिया था। बाद में सभी का चालान कर उन्हें जेल भेज दिया गया। मामले को लेकर इलाके में तनाव बना हुआ है और पुलिस स्थिति पर नजर रखे हुए है।