
पारदर्शी विकास न्यूज़ लखनऊ। सआदतगंज थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह मामूली विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया। यहां दिनदहाड़े एक ही परिवार के तीन लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतकों की पहचान शिवाजी तिवारी (62), उनके बेटे सुयश तिवारी (30) और भाई शिवेंद्र तिवारी उर्फ शंभू के रूप में हुई है। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने आरोपी ऋषभ शुक्ला को पिस्टल के साथ हिरासत में लेने की जानकारी दी है।जानकारी के मुताबिक, शिवाजी तिवारी का परिवार घर के सामने बरगद के पेड़ के नीचे चबूतरा बनवाना चाहता था। इसको लेकर पड़ोसी ऋषभ शुक्ला से लंबे समय से विवाद चल रहा था। सोमवार सुबह सुयश ने चबूतरे के पास अपनी कार खड़ी की, जिसके बाद कहासुनी शुरू हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर ऋषभ ने पहले शिवेंद्र और शिवाजी को गोली मारी। गोलियों की आवाज सुनकर बाहर आए सुयश को भी निशाना बना लिया गया। तीनों की मौत से परिवार में मातम छा गया।शिवाजी तिवारी सचिवालय से सेवानिवृत्त कर्मचारी थे और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में जिला सर कार्यवाह की जिम्मेदारी भी निभा चुके थे। उनके बेटे सुयश बिजली के सामान का कारोबार करते थे और आगामी 5 दिसंबर को उनकी शादी होनी थी। परिवार की खुशियां शादी की तैयारियों में जुटी थीं, लेकिन इस घटना ने सब कुछ उजाड़ दिया।मृतक शिवेंद्र की पत्नी रुचि तिवारी ने शिकायत में कई लोगों पर हमले में शामिल होने के आरोप लगाए हैं। वहीं, पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा के अनुसार, शुरुआती जानकारी में पार्किंग को लेकर विवाद सामने आया है और आरोपी को पिस्टल सहित हिरासत में लिया गया है। घटनास्थल पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और हत्या की परिस्थितियों का पता लगाया जा रहा है।

चबूतरा बनवाने को लेकर काफी दिनों से था विवाद
स्थानीय लोगों के मुताबिक, बरगद के पेड़ के नीचे शिवाजी तिवारी की ओर से चबूतरा बनवाया जा रहा था। सामने रहने वाला शुक्ला परिवार इसका विरोध कर रहा था। इस विवाद की शिकायत पहले भी पुलिस तक पहुंची थी। उस समय मामला शांत हो गया था, लेकिन दोनों परिवारों के बीच तनाव बना रहा। इसी विवाद के चलते सोमवार को फिर कहासुनी हुई, जो बाद में खूनी संघर्ष में बदल गई।