
पारदर्शी विकास न्यूज़ लखनऊ/अमेठी। अम्बेडकर प्रतिमा स्थलों पर छतरी और बाउंड्री वॉल के निर्माण और सौन्दर्यीकरण के लिए उत्तर प्रदेश शासन की ओर से लागू की गई डा अम्बेडकर मूर्ति विकास योजना अभी तक धरातल पर नहीं उतर पाई है। शासनादेश जारी होने के बाद लगभग एक महीने बीत रहे हैं अभी तक ग्राम्य विकास विभाग को कोई बजट आवंटित नहीं किया गया है। बजट के अभाव में ग्राम पंचायतें कोई काम शुरू नहीं करा पा रही हैं।संविधान निर्माता बोधिसत्व बाबा साहब डॉ अम्बेडकर की 135वीं जयंती के आयोजन के लगभग एक सप्ताह पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डा अम्बेडकर मूर्ति विकास योजना लागू करने की घोषणा की थी। योजना के अन्तर्गत प्रत्येक विधानसभा में तीस अम्बेडकर प्रतिमा स्थलों पर छतरी और चहारदीवारी का निर्माण किया जाना है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस योजना का शासनादेश जारी कर दिया गया है, परंतु ग्राम विकास विभाग की ओर से अभी तक बजट आवंटित नहीं किया गया है।कमासिन के लोगों ने मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र देकर अम्बेडकर पार्क की चहारदीवारी के निर्माण और सौन्दर्यीकरण का अनुरोध किया था। बुधवार को ग्राम पंचायत अधिकारी सुरेन्द्र कुमार गुप्ता इसकी जांच के लिए गांव आए थे। उन्होंने पार्क की लम्बाई, चौड़ाई और क्षेत्रफल का आकलन करने के बाद अपनी रिपोर्ट खंड विकास अधिकारी को भेजी है। ग्राम पंचायत अधिकारी ने बताया कि पार्क की बाउंड्री वॉल के निर्माण के लिए लगभग दस लाख रुपए के बजट की आवश्यकता है। ग्राम पंचायत निधि में पैसा नहीं है।शासन से अभी तक कोई बजट भी आवंटित नहीं किया गया है।
बंद पड़े सामुदायिक शौचालय को संचालित करने के निर्देश
ग्राम पंचायत कमासिन के सामुदायिक शौचालय की जलापूर्ति छः महीने से ध्वस्त है। शौचालय बंद पड़ा हुआ है महिलाएं खुले में शौच को मजबूर हैं। सेक्रेटरी की जांच रिपोर्ट के बाद ए डी ओ पंचायत और खंड विकास अधिकारी ने ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी को बंद पड़े सामुदायिक शौचालय को यथाशीघ्र संचालित करने के निर्देश दिए हैं।