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डीएम जेपी गुप्ता का प्रस्ताव फाइलों में बंद, पर्यटन स्थल नहीं बन पाया समदा ताल

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अमेठी जिले ने तय किए विकास के 23वर्ष

दिलीप कुमार/विजय भारती 
पारदर्शी विकास न्यूज़ अमेठी। 
अमेठी जिले ने विकास के तेईस साल तय कर लिए हैं।जिले की पुनर्गठित अधिसूचना के अनुसार पर्यटन विभाग आज 16वीं वर्षगांठ मना रहा है। मुख्यमंत्री सुश्री मायावती ने अमेठी स्टेडियम में एक रैली में 11दिसम्बर2002को अमेठी जिले के गठन की घोषणा की थी।18दिसम्बर2002को मंत्रिमंडल ने प्रस्ताव को मंजूरी दी। पहली अधिसूचना 21मई 2003को जारी हुई।23मई 2002को जिला अस्तित्व में आया।13नवम्बर2003को सपा की सरकार ने जिले को खत्म कर दिया।उस समय मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री थे।1जुलाई 2010को सुश्री मायावती ने पुनः अधिसूचना जारी करके जिले को बहाल किया।2जुलाई2010को जे पी गुप्ता ने जिलाधिकारी का कार्य भार ग्रहण किया। लगभग 21महीने तक उनका कार्यकाल रहा।जे पी गुप्ता के कार्यकाल में जनपद में पहला त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव हुआ।जे पी गुप्ता ने अमेठी विकास खंड में स्थित समदा ताल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव शासन को भेजा था ‌। पर्यटन मंत्रालय ने इस प्रस्ताव पर अभी तक कोई विचार नहीं किया है। प्रस्ताव फाइलों में बंद पड़ा हुआ है।गौरतलब है कि मनरेगा के प्रथम चरण में समदा ताल परियोजना  सांसद राहुल गांधी का ड्रीम प्रोजेक्ट थी,यह परियोजना अभी तक अधूरी पड़ी हुई है।