
पारदर्शी विकास न्यूज़ अमेठी। जिले में सड़क सुरक्षा अभियान और जागरूकता कार्यक्रमों के बावजूद सड़क हादसों पर लगाम नहीं लग पा रही है। अप्रैल महीने के आंकड़े जिले की भयावह स्थिति को दर्शाते हैं। यातायात विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल माह में जिले में कुल 26 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 18 लोगों की मौत हो गई और 21 लोग घायल हुए। इसका मतलब है कि जिले में लगभग हर दिन एक सड़क हादसा हो रहा है।हादसों की बढ़ती संख्या को रोकने के लिए पुलिस अधीक्षक (एसपी) द्वारा घटनाओं का विश्लेषण किया गया, जिसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। दुर्घटनाओं के शिकार हुए 21 लोगों में से दस लोग तेज गति (ओवर स्पीड) के कारण चपेट में आए। सात लोग ओवरटेक करने के प्रयास में दुर्घटनाग्रस्त हुए, जबकि दो लोग नींद आने या ध्यान भटकने की वजह से हादसों का शिकार हुए।क्षेत्रवार आंकड़ों के अनुसार, अमेठी कोतवाली क्षेत्र में नौ दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें एक व्यक्ति की मौत हुई और पांच लोग घायल हुए। गौरीगंज कोतवाली क्षेत्र में तीन दुर्घटनाओं में दो लोगों की जान गई और एक व्यक्ति घायल हुआ। मुसाफिरखाना क्षेत्र में एक हादसे में एक व्यक्ति की मौत हुई, जबकि जामो में एक दुर्घटना में एक व्यक्ति घायल हुआ। जायस क्षेत्र में पांच सड़क हादसों में एक व्यक्ति की मौत हुई और नौ लोग घायल हुए।इसी तरह, जगदीशपुर में चार दुर्घटनाओं में तीन लोगों की मौत हुई और तीन लोग घायल हुए। कमरौली, बाजारशुकुल और मोहनगंज क्षेत्रों में भी सड़क हादसों में लोगों की जान गई। शिवरतनगंज में दो दुर्घटनाओं में एक व्यक्ति की मौत हुई और दो लोग घायल हुए।एसपी सरवणन टी ने बताया कि जिले में बढ़ते सड़क हादसों की मुख्य वजह यातायात नियमों की जानकारी का अभाव और लापरवाही है। बिना हेलमेट वाहन चलाना, सीट बेल्ट न लगाना, तेज गति से वाहन चलाना और मोबाइल पर बात करते हुए ड्राइविंग करना हादसों को बढ़ा रहा है। जागरूकता के बावजूद लोग नियमों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, जिससे तेज रफ्तार, यातायात नियमों की अनदेखी, हेलमेट और सीट बेल्ट का प्रयोग न करना, ओवरलोडिंग और गलत दिशा में वाहन चलाना हादसों की बड़ी वजह बन रहे हैं।