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एनएचएआई की लापरवाही से राजामऊ नहर पटरी मार्ग बदहाल, नौ महीने बाद भी नहीं शुरू हुआ पुनर्निर्माण कार्य

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PARDARSHI VIKASH NEWS अमेठी। उत्तर प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह के विधानसभा क्षेत्र में एनएचएआई की लापरवाही के चलते राजामऊ नहर पटरी मार्ग की स्थिति खराब बनी हुई है। करीब नौ महीने बीतने के बाद भी सड़क की विशेष मरम्मत और पुनर्निर्माण का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। सड़क सुरक्षा समिति की बैठकों में सितंबर 2025 से लगातार यह मुद्दा उठाया जा रहा है, लेकिन अब तक सिर्फ पत्राचार और प्रक्रिया ही चल रही है। रायबरेली-अयोध्या मार्ग (एनएच-330ए) के तहत राजामऊ में शारदा सहायक नहर पर निर्माणाधीन पुल के दौरान वैकल्पिक डायवर्जन मार्ग नहीं बनाए जाने से राजामऊ नहर पटरी सहित तीन प्रमुख मार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे। इससे ग्रामीणों और स्थानीय लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा था। मामले को राज्य मंत्री के प्रतिनिधि और ब्लॉक प्रमुख मुन्ना सिंह ने दिशा की बैठक में उठाया था। जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम तिलोई और लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं की संयुक्त टीम ने मौके का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की थी। इसके बाद मार्ग को ठीक कराने के लिए करीब 1.24 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार कर एनएचएआई को भेजा गया, लेकिन अभी तक कार्यदायी संस्था का चयन नहीं हो पाया है। एनएचएआई अधिकारियों का कहना है कि ठेकेदार की आपत्तियों पर प्रक्रिया चल रही है। वहीं दूसरी ओर लोक निर्माण विभाग की चालू वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना भी शासन स्तर पर लंबित है। प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए लोक निर्माण विभाग को 34,468 करोड़ रुपये का बजट दिया है, लेकिन अभी तक कोई वित्तीय स्वीकृति जारी नहीं हुई है। अमेठी जिले से करीब 1,365 करोड़ रुपये की कार्ययोजना भेजी गई है, जिसमें सड़क निर्माण, विशेष मरम्मत, पुल और भवन निर्माण समेत 921 कार्य शामिल हैं। वर्षा ऋतु नजदीक होने के बावजूद सड़कों की मरम्मत शुरू न होने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि खराब सड़क से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। प्रशासन का कहना है कि स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू कराया जाएगा।