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एयरपोर्ट चालू करो, नहीं तो किसानों की जमीन लौटाओ अजय कुमार लल्लू का सरकार पर सीधा हमला

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pardarshi vikas news 

कुशीनगर। कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के मुद्दे पर एक बार फिर सियासत गरमा गई है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक अजय कुमार लल्लू ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हालिया बयान को निशाने पर लेते हुए कहा कि यदि सरकार एयरपोर्ट का नियमित संचालन नहीं करा सकती, तो किसानों से अधिग्रहित की गई उपजाऊ जमीन उन्हें वापस कर दे।लल्लू ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने टेकुआटार की जनसभा में एयरपोर्ट के संचालन में देरी का कारण अंतरराष्ट्रीय हालात और विमानों की उपलब्धता को बताया, लेकिन यह तर्क जनता के गले नहीं उतर रहा। उन्होंने सवाल किया कि अगर विमानों की कमी ही वजह है तो गोरखपुर से रोजाना दिल्ली और मुंबई के लिए कई उड़ानें कैसे संचालित हो रही हैं? क्या विकास का हक सिर्फ गोरखपुर का है और कुशीनगर केवल वादे सुनने के लिए है?उन्होंने कहा कि सरकार चाहे तो इंडिगो और आकाश एयर जैसी कंपनियों की घरेलू उड़ानें तत्काल कुशीनगर से शुरू कर सकती है। लेकिन राजनीतिक इच्छाशक्ति के अभाव में करोड़ों रुपये की लागत से बना अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट आज भी अपनी पहचान के लिए संघर्ष कर रहा है।भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली होने के बावजूद कुशीनगर आने वाले विदेशी श्रद्धालुओं और पर्यटकों को दूसरे शहरों के हवाई अड्डों का सहारा लेना पड़ रहा है। लल्लू ने कहा कि इससे पर्यटन, व्यापार, होटल उद्योग और स्थानीय रोजगार को लगातार नुकसान हो रहा है, जबकि सरकार विकास के बड़े-बड़े दावे करती फिर रही है।कांग्रेस नेता ने जिले के सांसदों और विधायकों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वर्षों तक ज्ञापन, आश्वासन और फोटो की राजनीति होती रही, लेकिन एयरपोर्ट आज भी नियमित उड़ानों का इंतजार कर रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के मंच से खुद सांसद द्वारा एयरपोर्ट संचालन की मांग करना इस बात का प्रमाण है कि भाजपा के जनप्रतिनिधि भी अपनी ही सरकार से जवाब मांगने की स्थिति में हैं।लल्लू ने तंज कसते हुए कहा, "न उड़ी प्लेन, न चली लंबी दूरी की ट्रेन और न ही बंद चीनी मिलें चालू हुईं। यही डबल इंजन सरकार के विकास मॉडल की असली तस्वीर है।" उन्होंने 2014 में पडरौना और कठकुईया चीनी मिलों को 100 दिन में चालू कराने के वादे की याद दिलाते हुए कहा कि न केवल वे वादे अधूरे रहे, बल्कि कप्तानगंज चीनी मिल भी बंद हो गई।उन्होंने मुख्यमंत्री से तमकुहीराज और टेकुआटार में घोषित सभी विकास परियोजनाओं की सूची सार्वजनिक करने की मांग करते हुए कहा कि जनता अब भाषण नहीं, जमीन पर काम का हिसाब चाहती है।कांग्रेस जिलाध्यक्ष रविन्द्र विश्वकर्मा 'राधे' ने भी इन मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि पार्टी कुशीनगर एयरपोर्ट के नियमित संचालन, बंद चीनी मिलों के पुनर्जीवन और जिले के विकास के मुद्दे पर लगातार संघर्ष करती रहेगी।हालांकि, यह कांग्रेस नेताओं का राजनीतिक आरोप और बयान है। सरकार की ओर से इन आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है