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फिजियोथेरेपी के महत्व पर कानपुर में विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव

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कानपुर। इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजियोथेरेपिस्ट्स, कानपुर सेंट्रल ब्रांच के तत्वावधान में जीटी रोड, कोकाकोला चौराहा स्थित द प्रेस्टीज होटल में फिजियोथेरेपी सेमिनार एवं सतत चिकित्सा शिक्षा कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम का आयोजन Voltiva कंपनी के सहयोग एवं प्रायोजन से किया गया।मुख्य अतिथि सतीश महाना ने फिजियोथेरेपी को वर्तमान समय में बिना दवा के उपचार का प्रभावी माध्यम बताते हुए अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने फिजियोथेरेपी के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि एआईपी उत्तर प्रदेश के सचिव के.के. शर्मा ने दैनिक जीवन में फिजियोथेरेपी की उपयोगिता बताते हुए कहा कि बिगड़ती जीवनशैली का प्रभाव लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। इसके कारण घुटने, कमर, जोड़ों और रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।सीएसजेएम विश्वविद्यालय के एसोसिएट डीन डॉ. दिग्विजय शर्मा ने फिजियोथेरेपी के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सफदर अस्पताल के डॉ. सुधीर कुमार द्विवेदी ने गर्भावस्था के दौरान तथा प्रसव से पहले और बाद में फिजियोथेरेपी के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी।कार्यक्रम में रीढ़ की हड्डी की सर्जरी में नवीन तकनीक, रोबोटिक तकनीक से जटिल पूर्ण घुटना प्रत्यारोपण तथा आधुनिक सर्जरी के बाद शीघ्र पुनर्वास में फिजियोथेरेपी की भूमिका पर विशेषज्ञों ने जानकारी साझा की। वेदांता अस्पताल कानपुर के वरिष्ठ अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. शिवांश त्रिवेदी सहित कई चिकित्सकों ने अपने अनुभव साझा किए।कार्यक्रम में कानपुर एवं आसपास के क्षेत्रों से करीब 200 फिजियोथेरेपिस्टों ने भाग लिया और फिजियोथेरेपी व आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। आयोजकों ने सहयोग के लिए Voltiva कंपनी का आभार जताया।