
PARDARSHI VIKASH NEWS Supreme Court of India ने देशभर के हाईकोर्ट्स को निर्देश दिया है कि किसी भी मामले में फैसला रिजर्व रखने के बाद उसे अधिकतम तीन महीने के भीतर सुनाया जाए। कोर्ट ने कहा कि अगर तय समय में फैसला नहीं आता, तो रजिस्ट्रार जनरल मामले को हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के सामने रखेंगे।Surya Kant की बेंच ने यह भी कहा कि जमानत मामलों में आदेश उसी दिन सुनाए जाएं। यदि फैसला रिजर्व रखा जाता है, तो अगले दिन उसे सुनाकर वेबसाइट पर अपलोड करना जरूरी होगा।सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट्स को कुल 13 निर्देश जारी किए हैं। इनमें फैसले की तारीख, अपलोडिंग की जानकारी वेबसाइट पर दिखाने, जेल प्रशासन को तुरंत आदेश भेजने और लंबे समय तक फैसला लंबित रहने पर पक्षकारों को आवेदन देने का अधिकार शामिल है।कोर्ट ने कहा कि यदि तीन महीने बाद भी फैसला नहीं सुनाया जाता, तो पक्षकार चीफ जस्टिस से मामले को दूसरी बेंच को सौंपने की मांग कर सकते हैं।सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने कहा कि हाईकोर्ट जज रहते हुए उन्होंने कभी भी फैसला लंबे समय तक सुरक्षित नहीं रखा। उन्होंने कहा कि न्याय में देरी को स्वीकार नहीं किया जा सकता।