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फर्जी लोन ऐप से ठगी करने वाला अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का मास्टरमाइंड गिरफ्तार

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पारदर्शी विकास न्यूज़ औरैया। साइबर थाना पुलिस ने फर्जी लोन ऐप के जरिए लोगों से ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 19 सिम कार्ड, पांच मोबाइल फोन, तीन आधार कार्ड, दो डेबिट कार्ड और 1,840 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। बरामद सिम कार्डों से जुड़े मोबाइल नंबरों पर राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) में विभिन्न राज्यों से साइबर ठगी की 32 शिकायतें दर्ज हैं।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक और क्षेत्राधिकारी बिधूना/साइबर के पर्यवेक्षण में साइबर थाना पुलिस टीम संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जांच के दौरान दिबियापुर क्षेत्र में मौजूद थी। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दिबियापुर स्थित कंप्रेसर बंबा से फफूंद जाने वाले मार्ग के पास से सहार थाना क्षेत्र के ग्राम पूर्वा इमलिया निवासी 25 वर्षीय दीपक कुमार पाल उर्फ बंटू को गिरफ्तार कर लिया। पूंछताछ में आरोपी ने बताया कि वह इंस्टाग्राम और फेसबुक पर 'जीरो सिविल स्कोर' व 'बिना दस्तावेज तत्काल लोन' जैसे आकर्षक विज्ञापन देकर लोगों को झांसे में लेता था। इसके बाद पीड़ितों से एक लिंक के माध्यम से Re-Pay App की एपीके फाइल डाउनलोड कराई जाती थी। ऐप इंस्टॉल होते ही मोबाइल के कॉन्टैक्ट, फोटो गैलरी, लोकेशन और एसएमएस का एक्सेस लेकर पूरा डेटा सर्वर पर अपलोड कर लिया जाता था। आरोपी ने बताया कि शुरुआत में पीड़ितों के खाते में दो से पांच हजार रुपये तक की छोटी राशि भेजी जाती थी, लेकिन प्रोसेसिंग शुल्क और भारी ब्याज के नाम पर कई गुना रकम वसूली जाती थी। भुगतान में देरी होने पर पीड़ितों के परिचितों को फोन कर उन्हें बदनाम किया जाता था। इतना ही नहीं, एआई तकनीक की मदद से उनकी तस्वीरों की अश्लील मॉर्फिंग कर वायरल करने की धमकी देकर मानसिक दबाव बनाया जाता था, जिससे लोग बार-बार रुपये देने को मजबूर हो जाते थे। साइबर थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना साइबर क्राइम में बीएनएस की धारा 318(4), 317(2) तथा आईटी एक्ट की धारा 66-डी, 67 और 67-ए के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपी के आपराधिक इतिहास और उसके अन्य साथियों की तलाश में जुटी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक या .APK फाइल से ऐप डाउनलोड न करें और ओटीपी, बैंक पिन या अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। साइबर ठगी होने पर तत्काल हेल्पलाइन 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।