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ग्राम अलिहा में चकबंदी प्रक्रिया पर विवाद

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Pardarshi Vikas News Banda

बबेरू विधायक विशंभर सिंह यादव ने ग्राम पंचायत अलिहा में चल रही चकबंदी प्रक्रिया को लेकर आयुक्त एवं जिलाधिकारी को पत्र भेजकर गंभीर आपत्तियां जताई हैं। विधायक ने ग्राम पंचायत द्वारा 17 अप्रैल 2026 को पारित प्रस्ताव तथा ग्राम प्रधान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों के हस्ताक्षरयुक्त प्रार्थना पत्र संलग्न कर मामले की जांच कराने की मांग की है।
पत्र में आरोप लगाया गया है कि ग्राम अलिहा में प्रारंभ की गई चकबंदी प्रक्रिया के दौरान एसीओ बबेरू द्वारा उत्तर प्रदेश चकबंदी नियमावली के नियम 34(1)(ं) एवं (इ) का उल्लंघन किया जा रहा है। बिना गाटा-दर-गाटा मौके की नाप और बिना मैपिंग/सर्वे के किसानों की भूमि का रकबा कम कर त्रुटिपूर्ण आकार पत्र-5 जारी किए जा रहे हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान की आशंका है। विधायक ने बताया कि इस प्रकार जारी किए गए आकार पत्र-5 के कारण हजारों अनावश्यक विवाद उत्पन्न होंगे और किसानों को चकबंदी न्यायालयों में मुकदमे दायर करने पड़ेंगे। साथ ही अभिलेख 41 व 45 भी गलत होने का खतरा रहेगा, जिससे किसानों का उत्पीड़न और शोषण होगा। विधायक विशंभर सिंह यादव ने कहा कि उन्होंने गांव पहुंचकर किसानों की समस्याएं सुनीं और पाया कि बिना मौके की नाप और सर्वे के आकार पत्र जारी किए गए हैं। इससे किसानों के साथ गंभीर अन्याय होने की संभावना है। उन्होंने मांग की है कि जारी आकार पत्र-5 पर अग्रेतर कार्रवाई तत्काल प्रभाव से स्थगित की जाए तथा पूरे मामले की जांच उपजिलाधिकारी बबेरू से कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही विधायक ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश चकबंदी नियमावली 2025 के संशोधन के अनुसार गांव के 75 प्रतिशत खाताधारकों की लिखित सहमति प्राप्त करने के बाद ही चकबंदी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए। विधायक ने चेतावनी दी कि किसानों के साथ किसी भी प्रकार का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि नियमों के विपरीत कार्रवाई जारी रही तो इस प्रकरण को सदन एवं उच्च स्तर पर उठाया जाएगा।