
PARDARSHI VIKAHS NEWS कानपुर। गोविंद नगर के ब्लॉक-8 स्थित रामदेवी आर्य पार्क में अतिक्रमण और अवैध निर्माण को लेकर चल रहा विवाद अब शासन स्तर तक पहुंच गया है। पार्क की भूमि पर हुए निर्माण, कब्जों और हाईकोर्ट के आदेशों के अनुपालन में कथित लापरवाही को लेकर नगर विकास मंत्री कार्यालय ने मामले को प्रमुख सचिव, नगर विकास विभाग को अग्रिम कार्रवाई के लिए भेज दिया है।जनहित याचिका संख्या 1023/2026 के याचिकाकर्ता और गोविंद नगर व्यापार मंडल के अध्यक्ष प्रकाश वीर आर्य ने शासन को भेजे गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि नगर निगम और केडीए के रिकॉर्ड में सार्वजनिक पार्क और ओपन स्पेस के रूप में दर्ज भूमि पर वर्षों से अतिक्रमण और निर्माण होते रहे, लेकिन जिम्मेदार विभागों की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने 22 अप्रैल 2026 को आदेश देते हुए पार्कों और सार्वजनिक स्थानों को अतिक्रमण मुक्त रखने के निर्देश दिए थे। कोर्ट ने यह भी कहा था कि जिन जमीनों को पार्क और खेल मैदान के लिए सुरक्षित रखा गया है, वहां निर्माण और कब्जे कैसे होने दिए गए।शिकायतकर्ता का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश की प्रति 29 अप्रैल को जिलाधिकारी कार्यालय में उपलब्ध कराने के बावजूद अब तक पार्क को अतिक्रमण मुक्त कराने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।आरोप है कि इसी बीच पार्क क्षेत्र में स्थित विवादित धार्मिक संरचना को केस्को द्वारा नया विद्युत कनेक्शन भी दे दिया गया। शिकायतकर्ता ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि सार्वजनिक पार्क की भूमि पर मौजूद विवादित निर्माणों को सरकारी सुविधाएं मिलने से कब्जों को बढ़ावा मिल सकता है।प्रार्थना पत्र में पार्क से अवैध निर्माण हटाने, नए कब्जों पर रोक लगाने, विद्युत संयोजन की जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की गई है।अब नगर विकास मंत्री कार्यालय से मामला प्रमुख सचिव को भेजे जाने के बाद स्थानीय लोगों की नजर शासन की अगली कार्रवाई पर है। नागरिकों का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी यदि पार्क को उसका मूल स्वरूप नहीं मिलता है तो यह सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल होगा।